बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा प्रतापगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने शीतला धाम मंदिर में दर्शन-पूजन किया और संगम लाल गुप्ता के नए होटल का उद्घाटन किया। इससे पहले उन्होंने प्रयागराज में माघ मेले में स्नान किया और योगी सरकार की व्यवस्थाओं की जमकर तारीफ की।

Pratapgarh: बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता गोविंदा शनिवार को प्रतापगढ़ पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। सबसे पहले उन्होंने कटरा स्थित शीतला धाम मंदिर पहुंचकर माता शीतला का विधिवत दर्शन-पूजन किया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद गोविंदा ने राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के महामंत्री एवं पूर्व सांसद संगम लाल गुप्ता के नए होटल का उद्घाटन किया।
अपने दौरे के दौरान अभिनेता गोविंदा संगम लाल गुप्ता के कॉलेज में आयोजित एनुअल फंक्शन में भी शामिल हुए। मंच से उन्होंने छात्रों का उत्साहवर्धन किया। गोविंदा को देखने के लिए शहर में भारी संख्या में लोग जमा हो गए, जिससे माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया।
प्रतापगढ़ पहुंचने से पहले गोविंदा प्रयागराज गए, जहां उन्होंने माघ मेले में आस्था की डुबकी लगाई। उन्होंने कहा कि यूपी में धर्म और व्यवस्था का जो स्वरूप देखने को मिल रहा है, वह अभूतपूर्व है। गोविंदा ने श्लोक पढ़ते हुए इसे “न भूतो न भविष्यति” जैसी व्यवस्था बताया और कहा कि ऐसी भव्यता देखकर गर्व महसूस होता है। अंत में उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि कई बार फिल्में न चलें, लेकिन जनता का प्यार हमेशा बना रहता है।
Pratapgarh: बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता गोविंदा शनिवार को प्रतापगढ़ पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। सबसे पहले उन्होंने कटरा स्थित शीतला धाम मंदिर पहुंचकर माता शीतला का विधिवत दर्शन-पूजन किया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद गोविंदा ने राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के महामंत्री एवं पूर्व सांसद संगम लाल गुप्ता के नए होटल का उद्घाटन किया।
अपने दौरे के दौरान अभिनेता गोविंदा संगम लाल गुप्ता के कॉलेज में आयोजित एनुअल फंक्शन में भी शामिल हुए। मंच से उन्होंने छात्रों का उत्साहवर्धन किया। गोविंदा को देखने के लिए शहर में भारी संख्या में लोग जमा हो गए, जिससे माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया।
प्रतापगढ़ पहुंचने से पहले गोविंदा प्रयागराज गए, जहां उन्होंने माघ मेले में आस्था की डुबकी लगाई। उन्होंने कहा कि यूपी में धर्म और व्यवस्था का जो स्वरूप देखने को मिल रहा है, वह अभूतपूर्व है। गोविंदा ने श्लोक पढ़ते हुए इसे “न भूतो न भविष्यति” जैसी व्यवस्था बताया और कहा कि ऐसी भव्यता देखकर गर्व महसूस होता है। अंत में उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि कई बार फिल्में न चलें, लेकिन जनता का प्यार हमेशा बना रहता है।