भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बजट को लेकर किसानों की उम्मीदें गिनाईं। उन्होंने कहा कि दूध, मछली, पोल्ट्री और फसल उगाने वाले हर किसान को सही दाम मिलना चाहिए। MSP गारंटी कानून, सोलर सब्सिडी, फसल बीमा और भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजे की मांग दोहराई।

Muzaffarnagar: आगामी बजट को लेकर किसानों की उम्मीदों पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि किसान चाहे दूध का हो, मछली पालन करने वाला हो, पोल्ट्री से जुड़ा हो या फसल उगाने वाला, हर किसान को उसकी उपज का सही दाम मिलना चाहिए। आज समस्या यह है कि जमीन के दाम तो लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन फसलों के भाव नहीं बढ़ रहे, इसी से किसान परेशान है।
राकेश टिकैत ने कहा कि ट्रैक्टर पर मिलने वाली छूट कुछ जिलों तक सीमित है, जबकि यह सुविधा सभी किसानों को मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सोलर पैनल पर सब्सिडी बढ़ाने की मांग की। उनका कहना है कि अगर देश को ऊर्जा बचानी है तो प्राकृतिक ऊर्जा को बढ़ावा देना होगा। खेतों में ट्यूबवेल के बराबर क्षमता के सोलर पैनल लगाने पर पूरी सब्सिडी दी जाए और किसान को मुफ्त बिजली मिले। इससे कोयले की बचत होगी और देश को फायदा होगा।
फसल बीमा योजना को लेकर टिकैत ने कहा कि इसका लाभ किसानों को पूरा नहीं मिल पा रहा है। यह समस्या पूरे देश में है। उन्होंने हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए अलग नीति बनाने की मांग की, जहां तेजी से पलायन हो रहा है। कश्मीर में बागवानी किसानों को सड़क बंद होने और प्राकृतिक कारणों से भारी नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई सरकार को करनी चाहिए। इसके लिए ट्रांसपोर्ट सब्सिडी और मंडी तक फसल पहुंचाने की व्यवस्था जरूरी है।
भूमि अधिग्रहण पर टिकैत ने चेतावनी देते हुए कहा कि 2013 के बाद सर्किल रेट नहीं बढ़े हैं। अगर पुराने रेट पर जमीन ली गई तो किसानों को भारी नुकसान होगा। उचित मुआवजा नहीं मिला तो देशभर में आंदोलन होंगे, चाहे वह खनन परियोजनाएं हों या एक्सप्रेसवे निर्माण।
उन्होंने साफ कहा कि गांव और कृषि एक हैं। बजट में किसान, मजदूर और गांव को सीधा लाभ मिलना चाहिए। MSP गारंटी कानून जरूरी है, क्योंकि किसान को उसका हक सिर्फ दाम के रूप में चाहिए।
Muzaffarnagar: आगामी बजट को लेकर किसानों की उम्मीदों पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि किसान चाहे दूध का हो, मछली पालन करने वाला हो, पोल्ट्री से जुड़ा हो या फसल उगाने वाला, हर किसान को उसकी उपज का सही दाम मिलना चाहिए। आज समस्या यह है कि जमीन के दाम तो लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन फसलों के भाव नहीं बढ़ रहे, इसी से किसान परेशान है।
राकेश टिकैत ने कहा कि ट्रैक्टर पर मिलने वाली छूट कुछ जिलों तक सीमित है, जबकि यह सुविधा सभी किसानों को मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सोलर पैनल पर सब्सिडी बढ़ाने की मांग की। उनका कहना है कि अगर देश को ऊर्जा बचानी है तो प्राकृतिक ऊर्जा को बढ़ावा देना होगा। खेतों में ट्यूबवेल के बराबर क्षमता के सोलर पैनल लगाने पर पूरी सब्सिडी दी जाए और किसान को मुफ्त बिजली मिले। इससे कोयले की बचत होगी और देश को फायदा होगा।
फसल बीमा योजना को लेकर टिकैत ने कहा कि इसका लाभ किसानों को पूरा नहीं मिल पा रहा है। यह समस्या पूरे देश में है। उन्होंने हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए अलग नीति बनाने की मांग की, जहां तेजी से पलायन हो रहा है। कश्मीर में बागवानी किसानों को सड़क बंद होने और प्राकृतिक कारणों से भारी नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई सरकार को करनी चाहिए। इसके लिए ट्रांसपोर्ट सब्सिडी और मंडी तक फसल पहुंचाने की व्यवस्था जरूरी है।
भूमि अधिग्रहण पर टिकैत ने चेतावनी देते हुए कहा कि 2013 के बाद सर्किल रेट नहीं बढ़े हैं। अगर पुराने रेट पर जमीन ली गई तो किसानों को भारी नुकसान होगा। उचित मुआवजा नहीं मिला तो देशभर में आंदोलन होंगे, चाहे वह खनन परियोजनाएं हों या एक्सप्रेसवे निर्माण।
उन्होंने साफ कहा कि गांव और कृषि एक हैं। बजट में किसान, मजदूर और गांव को सीधा लाभ मिलना चाहिए। MSP गारंटी कानून जरूरी है, क्योंकि किसान को उसका हक सिर्फ दाम के रूप में चाहिए।