विकासनगर क्षेत्र में प्रस्तावित वैकल्पिक नेशनल हाईवे को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध तेज हो गया है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग तहसील विकासनगर पहुंचे और जिला पंचायत सदस्य सुमित नेगी के नेतृत्व में प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर इस प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की।

नेशनल हाईवे को लेकर सड़कों पर उतरी जनता
Vikasnagar: विकासनगर क्षेत्र में प्रस्तावित वैकल्पिक नेशनल हाईवे को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध तेज हो गया है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग तहसील विकासनगर पहुंचे और जिला पंचायत सदस्य सुमित नेगी के नेतृत्व में प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर इस प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की।
पुराने प्रस्ताव का पहले ही हो चुका है विरोध
बताया जा रहा है कि दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के तहत पहले विकासनगर बाजार से नेशनल हाईवे 507 बनाने की स्वीकृति दी गई थी। हालांकि उस समय बाजार के व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने इस योजना का विरोध किया था। इसके बाद अब विकल्प के रूप में तहसील चौक से अंबाडी तक नेशनल हाईवे बनाने का प्रस्ताव सामने आया है, जिसे लेकर क्षेत्र में एक बार फिर विरोध शुरू हो गया है।
चाय बागान और हजारों पेड़ों पर खतरा
एडवोकेट प्रवीण कुमार ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि जिस स्थान से वैकल्पिक सड़क बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है, वहां चाय बागान की जमीन है और बड़ी संख्या में चाय के पेड़ मौजूद हैं। उनका कहना है कि अगर यहां से हाईवे बनाया गया तो हजारों पेड़ों की कटाई होगी, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचेगा।
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उन्होंने यह भी कहा कि इस मार्ग के निर्माण से कई मंदिर और स्थानीय लोगों के मकान भी प्रभावित होंगे और कई परिवारों को अपना घर छोड़ने की नौबत आ सकती है।
Uttarakhand: विकासनगर में वैकल्पिक नेशनल हाईवे के प्रस्ताव का स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। पहले विकासनगर बाजार से नेशनल हाईवे 507 की स्वीकृति हुई थी, जिसका व्यापारियों ने विरोध किया। अब तहसील चौक से अंबाडी तक हाईवे बनाने के प्रस्ताव को लेकर भी लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।… pic.twitter.com/OqVATMw0Yg
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) March 16, 2026
सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की मांग
जिला पंचायत सदस्य सुमित नेगी और एडवोकेट प्रवीण कुमार ने केंद्र और राज्य सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि पुराने प्रस्ताव के तहत विकासनगर बाजार से गुजरने वाले मार्ग को ही एलिवेटेड रोड के रूप में बनाया जा सकता है। इसके अलावा दूसरा विकल्प शक्ति नहर के किनारे से नेशनल हाईवे बनाने का भी हो सकता है।
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मांग न मानी गई तो आंदोलन की चेतावनी
विरोध कर रहे लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विकास के नाम पर पर्यावरण और स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
इस दौरान हजारों की संख्या में लोग तहसील विकासनगर पहुंचे और जिला पंचायत सदस्य के नेतृत्व में प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।