
निर्माणाधीन टनल में मलबा आने से बड़ा हादसा (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Uttarakhand: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में स्थित मायापुर में एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहां टीएचडीसी (THDC) की निर्माणाधीन टीआरटी टनल के भीतर अचानक भूधंसाव होने के कारण भारी मात्रा में मलबा और पानी भर गया। लगभग तीन किलोमीटर लंबी इस सुरंग के करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से में यह आपदा आई, जिससे अंदर काम कर रहे मजदूर फंस गए। इस दुर्घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), आईटीबीपी (ITBP) और तकनीकी विशेषज्ञ टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। रातभर चले कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद टनल में फंसे कुल 22 लोगों में से 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि, अभी भी तीन अन्य लोगों की तलाश युद्ध स्तर पर जारी है। मलबे और पानी के बीच बचाव टीमों को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
सुरंग के भीतर हालात बेहद खतरनाक और चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। राहत कार्यों में मदद के लिए अंदर गए सभी 6 बचावकर्मी भी सुरक्षित बाहर लौट आए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार खुद घटनास्थल पर कैंप किए हुए हैं और हर पल की अपडेट ले रहे हैं। उन्होंने शेष बचे तीन लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अत्याधुनिक संसाधनों और तकनीकी मदद का पूरा इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं।
सुरंग से सुरक्षित निकाले गए घायलों को इलाज के लिए गोपेश्वर के जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार उनकी देखरेख कर रही हैं। इन घायलों में बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पंजाब और अन्य राज्यों के मजदूर शामिल हैं। घायलों में चंदन कुमार सिंह, रोहताश, रोहित पांडे, खेला राम, दीना बेंगरा, निस्तर मैंगरा, पैल सिंह नेतांग, विनोद रायना, हबील गुड़िया, सुनील दीवान, सीवेक और तिलक राज शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल रोहित पांडे को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है।
इस दर्दनाक हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मृतकों में टिहरी जिले के चंबा अंतर्गत ग्राम गांवर निवासी प्रदीप पंवार (35) के साथ-साथ मुकेश और दुर्लभ शर्मा के नाम सामने आए हैं। बाकी अन्य मृतकों की आधिकारिक पहचान और पूरी सूची आने का इंतजार किया जा रहा है। इस जनहानि से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
पीपलकोटी के इस भीषण हादसे ने हिमालयी क्षेत्रों में चल रही बड़ी जलविद्युत और निर्माण परियोजनाओं की सुरक्षा पर फिर से बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हिमालय की नाज़ुक भौगोलिक स्थिति और भूगर्भीय जोखिमों के बीच काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा हमेशा से एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। फिलहाल प्रशासन और राहत दलों का पूरा फोकस सुरंग में फंसे आखिरी तीन लोगों को बचाने और घायलों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने पर है।
Location : Uttarakhand
Published : 14 August 2026, 9:32 AM IST
Topics : rescue operation THDC Tunnel Accident Tunnel Collapse Uttarakhand disaster Uttarakhand News