उत्तराखंड में लैंडस्लाइड और उफान का डबल अटैक: कई गांव कटे, सप्लाई ठप; क्या फिर आने वाली है बड़ी आफत?

उत्तराखंड में लगातार बारिश से हाहाकार मच गया है। यमुनोत्री और केदारनाथ राजमार्ग समेत कई हाईवे मलबा आने से बंद हैं। पिंडरघाटी में दूध-सब्जी की किल्लत और नदियां उफान पर हैं। पढ़ें पहाड़ पर बिगड़े कुदरत के मिज़ाज का पूरा हाल।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 6 August 2026, 12:52 PM IST

Rudraprayag: देवभूमि उत्तराखंड में कुदरत के कड़े मिज़ाज ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ों पर जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है।

भूस्खलन और लैंडस्लाइड के कारण यमुनोत्री और केदारनाथ राजमार्ग समेत राज्य की कई मुख्य सड़कें मलबे, भारी पत्थरों और पेड़ गिरने से पूरी तरह बंद हो गई हैं। रास्ते बंद होने से सैकड़ों श्रद्धालु और स्थानीय लोग जगह-जगह फंसने को मजबूर हैं।

यमुनोत्री हाईवे पर मलबे का पहरा, मशीनें भी लाचार

उत्तरकाशी के बड़कोट में रातभर हुई भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। यमुनोत्री हाईवे पर सिलाई बैंड, दुर्बिल बैंड और जंगलचट्टी जैसी जगहों पर भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें आ गिरी हैं।

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लगातार गिरते पत्थरों के कारण हाईवे को दोबारा खोलने में प्रशासन और बीआरओ की टीमों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। उधर, स्यानाचट्टी में यमुना नदी अपने पूरे उफान पर है और पिछले एक हफ्ते से कई होटलों की पहली मंजिल तक पानी भरा हुआ है।

केदारनाथ मार्ग और चमोली में भी खौफनाक हालात

रुद्रप्रयाग के तिलवाड़ा बाजार में बरसाती नाले (गदेरे) के उफान में आने से केदारनाथ हाईवे पर ढेर सारा मलबा जमा हो गया, जिसे एनएच विभाग ने जेसीबी की मदद से हटाकर यातायात बहाल किया।

दूसरी ओर, चमोली जिले में बगोली-नलगांव के पास पूरी चट्टान खिसकने से सिमली-ग्वालदम हाईवे पूरी तरह ब्लॉक हो गया है, जहां पैदल चलना तक जोखिम भरा है। इसके अलावा, कर्णप्रयाग-बेनीताल मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात ठप है और लंगासू में एक मकान का पुश्ता ढह गया।

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पिंडरघाटी में सप्लाई ठप, खतरे के निशान पर नदियां

नारायणबगड़ क्षेत्र में रास्ते बंद होने से पूरी पिंडरघाटी का संपर्क बाहरी दुनिया से कट गया है। आलम यह है कि गांवों में दूध और ताजी सब्जियों जैसी रोजमर्रा की बुनियादी चीजों की सप्लाई ठप पड़ गई है।

बस सेवाएं पूरी तरह बंद हैं और बिजली गुल रहने से लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। उफान मारती पिंडर नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुँच चुका है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की नींद उड़ गई है।

 

Location :  Rudraprayag

Published :  6 August 2026, 12:49 PM IST