उत्तराखंड के प्रवासियों की बहुत बड़ी संख्या खाड़ी देशों और अमेरिका में रहती है। कई लोगों के बच्चे वहां के स्कूल-कॉलेजों में पढ़ रहे हैं। अब युद्ध के चलते खाड़ी में जिस तरह के हालात बन चुके हैं, उन्हें देखते हुए उत्तराखंड में इन लोगों के परिजन और रिश्तेदार काफी चिंतित हैं।

उत्तराखंड के प्रवासियों के परिवारों में सुरक्षा की चिंता बढ़ी
Dehradun: इजरायल एवं अमेरिका ने ईरान के साथ जिस युद्ध की शुरुआत की है, उसके भयंकर दुष्परिणाम देखने को मिल रहे हैं। विदेशों में काम करने वाले भारतीयों के परिवारों को परदेश में अपनों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। यह चिंता उत्तराखंड के सभी जिलों में भी देखी जा रही है।
उत्तराखंड के हजारों लोग खाड़ी देशों में नौकरी करते हैं। इसके अलावा अमेरिका में भी उत्तराखंड के लोगों की काफी संख्या है। युद्ध में हो रहे हमलों को देखते हुए विदेशों में काम कर रहे उत्तराखंड के लोगों के परिजन बेहद चिंतित हैं।
कुवैत, बहरीन, कतर, दुबई, आबूधाबी, यूएई, ओमान आदि जगहों पर उत्तराखंड के हजारों लोग सेवारत हैं या अपना काम करते हैं। कई लोग तो अपने परिवारों के साथ वहां रहते हैं। उनके बच्चे भी वहां के स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यही स्थिति अमेरिका में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडियों की भी है। कई लोग ईरान में भी नौकरी करते हैं।
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युद्ध के बीच उत्तराखंड में उनके परिजन बहुत चिंतित हैं। दूसरी तरफ वहां पर काम करने वाले जो लोग छुट्टी पर अपने घरों को आए हुए थे, और अचानक युद्ध शुरू हो गया, तो उन्हें इस बात की चिंता है कि पता नहीं खाड़ी में हमलों के चलते उनके परिवार किस हाल में होंगे। उनकी धड़कनें बढ़ी रहती हैं।
खाड़ी देशों और अमेरिका में रह रहे उत्तराखंडवासियों की संख्या का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वहां इन्होंने अपनी संस्थाएं बनाई हुई हैं। ये लोग वहां पर अपने परंपरागत त्योहारों को सामूहिक रूप से बड़ी धूमधाम के साथ मनाते हैं। त्योहारों के अवसर अपने परंपराग वाद्य यंत्रों ठोल-दमाऊं और मशकबीन का मोह नहीं छोड़ पाते हैं।
खाड़ी देशों में होटल, ड्राइविंग, आयल रिफाइनरी, चिकित्सा समेत कई अन्य उद्योगों में कार्यरत लोग हालांकि अभी वहां बड़ा खतरा नहीं होने की बात कह रहे हैं, लेकिन तनाव बना हुआ है। यूएई और ओमान पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरों ने सैकड़ों परिवारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। प्रवासी निरंतर अपने परिजनों और रिश्तेदारों को वहां के हाल बता रहे हैं।
ईरान में उत्तराखंड के कुछ लोगों के फंसे होने की खबरे के चलते लगों कीचिंताएं ज्यादा बढ़ी हैं। खबर है कि देहरादून और हरिद्वार के कुछ लोग ईरान में फंस गए। इनमें मंगलौर, जैनपुर झांजेड़ी और टांडा भंडेडा जैसे क्षेत्रों के लोग शामिल हैं।
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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए उत्तराखंड सरकार भी सक्रिय हो गई है। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों, लोकल इंटेलिजेंस और पुलिस को निर्देश दिए हैं कि विदेश में रह रहे नागरिकों का डेटा तैयार किया जाए।
भारत सरकार ने भी एक विशेष लिंक जारी किया है, जिसमें मिडिल ईस्ट में रह रहे उत्तराखंडी अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं, ताकि आपात स्थिति में दूतावास उनसे तुरंत संपर्क कर सके।