महाशिवरात्रि पर रुद्रप्रयाग के प्रमुख शिवालयों में भारी भीड़ उमड़ी। ओंकारेश्वर, विश्वनाथ और कोटेश्वर महादेव मंदिर में पुलिस, जल पुलिस, SDRF और फायर सर्विस तैनात रही। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए वन-वे यातायात व्यवस्था लागू की गई।

शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़
Rudraprayag: महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर देवभूमि उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जिले के प्रमुख शिवालयों में तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भक्तों ने विधि-विधान से जलाभिषेक कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया।
पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में जिले के प्रमुख मंदिरों ओंकारेश्वर मंदिर, विश्वनाथ मंदिर और कोटेश्वर महादेव मंदिर सहित अन्य स्थानीय शिवालयों में विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए। श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा।
अलकनंदा नदी के तट पर स्थित कोटेश्वर महादेव मंदिर में सुरक्षा के विशेष मानकों को अपनाया गया। यहां एसएचओ रुद्रप्रयाग सुरेश बलूनी स्वयं मौके पर मौजूद रहे। पुलिस बल के साथ जल पुलिस, एसडीआरएफ और फायर सर्विस की टीमों को आपदा राहत उपकरणों और बोट के साथ तैनात किया गया। नदी के तेज बहाव को देखते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रहने की लगातार अपील की गई।
भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त संख्या में पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। मंदिर परिसरों में प्रवेश और निकास द्वारों पर विशेष निगरानी रखी गई ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पुलिस द्वारा लगातार अनाउंसमेंट कर श्रद्धालुओं को पंक्तिबद्ध दर्शन करने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी गई।
कोटेश्वर महादेव मंदिर मार्ग के संकरा होने के कारण यातायात को सुचारू बनाए रखने हेतु वन-वे व्यवस्था लागू की गई। श्रद्धालुओं के जाने के लिए कलेक्ट्रेट मार्ग से विकास भवन होते हुए कोटेश्वर तक रास्ता निर्धारित किया गया, जबकि वापसी के लिए मुख्य आवागमन मार्ग का उपयोग किया गया। इस व्यवस्था से जाम की स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण रखा गया।
महाशिवरात्रि पर हुआ बड़ा ऐलान, केदारनाथ कपाट खुलने की घड़ी तय, जानिये कब से होंगे बाबा के दर्शन?
पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। महाशिवरात्रि के इस पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।