रामनगर में गरजी करणी सेना, UGC बिल पर भड़का आक्रोश, SDM के जरिए राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

रामनगर में करणी सेना ने UGC बिल को काला कानून बताते हुए धरना प्रदर्शन किया। एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजते हुए बिल की वापसी की मांग की। अगर नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 29 January 2026, 3:38 PM IST

Ramngar: करणी सेना ने यूनिवर्सिटी ग्रान्ट कमीशन (UGC) के नए बिल के विरोध में तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम प्रमोद कुमार के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। करणी सेना का कहना है कि यह बिल सवर्ण छात्रों के लिए अत्यधिक हानिकारक है और उनके भविष्य को अंधकारमय कर सकता है।

सवर्ण छात्रों के भविष्य को खतरा

करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष सूरज चौधरी ने बताया कि बिल के तहत अगर कोई एससी, एसटी या ओबीसी का छात्र झूठा आरोप लगाए तो उसे सच मानकर सवर्ण छात्र पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसमें किसी तरह की जांच या इंक्वारी का प्रावधान नहीं है, जिससे सीधे जेल जाने का खतरा पैदा होता है। यह सवर्ण समाज के छात्रों के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

जातिवाद को बढ़ावा मिलने का आरोप

सूरज चौधरी ने आरोप लगाया कि बिल तैयार करते समय केंद्र सरकार सवर्ण छात्रों के साथ खिलवाड़ कर रही है। उनका कहना है कि यह बिल जातिवाद को भी बढ़ावा दे रहा है और देश के प्रत्येक नागरिक के लिए इसकी गंभीरता स्पष्ट है। संगठन ने कहा कि बिल के इस स्वरूप को देखकर हर सवर्ण परिवार चिंतित है।

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करणी सेना का जोरदार विरोध

ज्ञापन में मांगे गए सुधार

धरना प्रदर्शन के दौरान करणी सेना ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए राष्ट्रपति से इस बिल को तुरंत वापस लेने की मांग की। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि यदि बिल को तत्काल नहीं रोका गया, तो इसका भविष्य में घातक परिणाम होंगे। संगठन ने चेतावनी दी कि बिल को नहीं हटाया गया तो उत्तराखंड में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

संगठन की चेतावनी और भविष्य की कार्रवाई

सूरज चौधरी ने कहा कि करणी सेना सवर्ण समाज के छात्रों के अधिकारों के लिए हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि बिल को तुरंत वापस नहीं लिया गया तो राज्य में संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा, लेकिन सख्त रवैया अपनाया जाएगा।

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धरना प्रदर्शन का माहौल

तहसील परिसर में सैकड़ों कार्यकर्ता एकत्रित हुए और विरोध स्वरूप नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने बिल के विरोध में अपने विचार प्रकट किए और सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग की। करणी सेना का कहना है कि उनके प्रयासों के माध्यम से सरकार बिल के खतरों से अवगत होगी।

Location : 
  • Ramnagar

Published : 
  • 29 January 2026, 3:38 PM IST