उत्तराखंड में न्यायपालिका की बड़ी बैठक, डिजिटल न्याय पर जोर, क्या होगा ऐतिहासिक बदलाव?

उत्तराखंड में आयोजित न्यायपालिका की सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट और उत्तराखंड के जजों ने डिजिटलाइजेशन और सभी तक न्याय पहुंचाने पर जोर दिया। इसे संवैधानिक अधिकार बताते हुए कई अहम सुझाव दिए गए।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 11 April 2026, 11:21 AM IST

Dehradun: उत्तराखंड के ताज मसूरी होटल में न्यायपालिका से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित की गया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट और उत्तराखंड हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश शामिल हुए है। कार्यक्रम का शुभारंभ सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जस्टिस और उत्तराखंड के चीफ जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता ने दीप प्रज्वलन के साथ किया।

मनोज कुमार गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि “Enhancing Access to Justice” केवल कानूनी मुद्दा नहीं, बल्कि हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने न्याय व्यवस्था को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

लीगल अथॉरिटी की पहल

जस्टिस मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि यह सम्मेलन कानून को सशक्त करने और आम लोगों तक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने बताया कि राज्य में कानूनी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के प्रयास जारी हैं।

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डिजिटलाइजेशन पर सुप्रीम कोर्ट का जोर

एन. कोटेश्वर सिंह ने न्याय प्रणाली में डिजिटल तकनीक के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि इससे न्याय को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डिजिटलाइजेशन के जरिए न्याय को देश के हर कोने तक पहुंचाया जा सकता है।

जे. के. माहेश्वरी ने कहा कि न्याय व्यवस्था आज महंगी और देरी वाली हो गई है, जिसे सुधारने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर दिया कि न्याय को सरल, सुलभ और तेज बनाकर हर नागरिक तक पहुंचाना होगा, ताकि संवैधानिक अधिकारों का सही लाभ सभी को मिल सके।

Location :  Dehradun

Published :  11 April 2026, 11:21 AM IST