Kedartal Rescue Operation: हिमस्खलन के बाद लापता आठ पर्वतारोहियों की तलाश तेज, मिले बैग और टेंट, अब किसका इंतजार?

उत्तरकाशी के केदारताल क्षेत्र में हिमस्खलन के बाद लापता सात पर्वतारोहियों और एक गाइड की तलाश जारी है। कच्ची ढांग के पास बैग और टेंट मिले हैं, लेकिन आठों का पता नहीं चला। हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू अभियान चल रहा है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 November 2026, 1:20 PM IST

Uttarkashi: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में केदारताल क्षेत्र में लापता आठ पर्वतारोहियों की तलाश तेज कर दी गई है। सोमवार को मौसम साफ होने के बाद हेलिकॉप्टर की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। एसडीआरएफ और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की प्रशिक्षित टीम को हेली सेवा के माध्यम से भोजखड़क और कच्ची ढांग के आसपास उतारा गया।

कच्ची ढांग के समीप लापता पर्वतारोहियों के बैग और टेंट मिले हैं, लेकिन अभी तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है। बचाव दल आसपास के दुर्गम इलाकों में खोजबीन कर रहा है।

29 अक्टूबर को लौटते समय हिमस्खलन में फंसे थे पर्वतारोही

जानकारी के मुताबिक, 29 अक्टूबर को केदारताल से लौट रहे सात पर्वतारोही और एक गाइड भोजखड़क व कच्ची ढांग के आसपास हिमस्खलन होने के बाद फंस गए थे। उनके आगे चल रहे चार पोर्टर 30 अक्टूबर को सुरक्षित गंगोत्री पहुंच गए थे।

पोर्टरों से मिली सूचना के आधार पर 31 अक्टूबर से सर्च अभियान शुरू किया गया। रविवार को भी एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने इलाके में तलाश की थी। हेलिकॉप्टर के जरिए भी लापता लोगों को खोजने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।

उत्तराखंड के मदरसों में अब शुक्रवार को नहीं होगी छुट्टी, शिक्षा विभाग ने बदले नियम

एसडीआरएफ और निम की प्रशिक्षित टीम को उतारा गया

सोमवार को एसडीआरएफ और निम की प्रशिक्षित टीम को हेलिकॉप्टर से संबंधित इलाके में पहुंचाया गया। प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी में टीम की संख्या को लेकर आठ और 10 सदस्यों का उल्लेख है। इसके साथ ही गंगोत्री नेशनल पार्क और स्थानीय ट्रैकिंग एजेंसी के लोग भी पैदल रास्ते से पोर्टरों द्वारा बताए गए स्थान तक पहुंचे। बचाव दल अलग-अलग दिशाओं से तलाश कर रहा है, ताकि लापता पर्वतारोहियों तक पहुंचा जा सके।

लापता पर्वतारोहियों का अब तक सुराग नहीं (Img- X)

संकरी घाटी के कारण रेस्क्यू में आ रही चुनौती

जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य के मुताबिक, केदारताल का क्षेत्र संकरी घाटी में स्थित है, जिससे हेलिकॉप्टर के जरिए खोजबीन करना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले महीने कालिंदी पास के पास फंसे पर्वतारोहियों के रेस्क्यू की परिस्थितियां अलग थीं।

वहां का इलाका खुला और चौड़ा था, जिससे हेलिकॉप्टर की मदद से बचाव दल को पहुंचना और तलाश करना अपेक्षाकृत आसान था। केदारताल में घाटी संकरी होने के कारण बचाव अभियान में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 का शंखनाद, BJP ने सभी 70 सीटों पर घोषित किए प्रभारी; देखें पूरी लिस्ट

खोह और गुफाओं में भी तलाश कर रही टीमें

गंगोत्री नेशनल पार्क की टीम नीचे की ओर से आगे बढ़कर खोह, गुफाओं और उन स्थानों पर तलाश कर रही है, जहां कोई व्यक्ति सुरक्षा के लिए आश्रय ले सकता है। प्रशासन के अनुसार, मौसम साफ होने पर अभियान तेज किया गया है। जरूरत पड़ने पर अन्य टीमों की मदद भी ली जाएगी। फिलहाल बैग और टेंट मिलने के बावजूद आठों पर्वतारोहियों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। बचाव दल उनकी तलाश में जुटा हुआ है।

Location :  Uttarkashi

Published :  3 November 2026, 1:20 PM IST