Kedarnath Yatra Update: भारी भीड़ से बदरीनाथ-केदारनाथ हाईवे पर लगा भीषण जाम, 45 मिनट का सफर 4 घंटे में हो रहा पूरा

केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने से बदरीनाथ-केदारनाथ हाईवे पर भयंकर जाम लग गया है। प्रतिदिन 15 हजार से अधिक भक्त और हजारों वाहन पहुंचने के कारण 45 मिनट का सफर तीन से चार घंटे में पूरा हो रहा है। प्रशासन यातायात सुचारू करने में जुटा है।

Updated : 4 October 2026, 9:37 AM IST
google-preferred

Rudraprayag: भगवान शिव के धाम केदारनाथ की यात्रा के दूसरे चरण में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त इजाफा देखने को मिल रहा है। इस समय हर दिन 15 हजार से अधिक भक्त बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। भारी तादाद में यात्रियों और वाहनों के पहुंचने से केदारघाटी और आसपास के हाईवे पर यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

हाईवे पर रेंगते वाहन, तीन से चार घंटे में कट रहा सफर

यात्रियों की भारी आमद के कारण रुद्रप्रयाग-श्रीनगर हाईवे से लेकर केदारनाथ हाईवे तक जगह-जगह भारी जाम लग रहा है। स्थिति यह है कि सामान्य दिनों में रुद्रप्रयाग से श्रीनगर के बीच का मात्र 45 मिनट का सफर इन दिनों जाम के कारण तीन से चार घंटे में पूरा हो रहा है। विशेष रूप से सिरोंबगड़ स्लाइडिंग जोन और धारी देवी क्षेत्र में वाहनों लंबी-लंबी कतारों में फंसे नजर आ रहे हैं। हालांकि पुलिस के जवान दोनों तरफ यातायात को सुचारু करने में पूरी ताकत से जुटे हैं, लेकिन वाहनों का अत्यधिक दबाव होने के कारण यह चुनौती लगातार बनी हुई है और यात्रियों को घंटों जाम में इंतजार करना पड़ रहा है।

Uttarakhand News: केदारनाथ यात्रा फिर हुई शुरू, मौसम सुधरते ही प्रशासन ने हटाई अस्थायी रोक, जानें अब कैसा है मौसम

75 किलोमीटर के मार्ग पर यातायात का भारी दबाव

रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक लगभग 75 किलोमीटर लंबे मार्ग पर भी वाहनों का भारी रेला उमड़ पड़ा है। गुप्तकाशी से लेकर सोनप्रयाग और गौरीकुंड तक के हिस्से में रोजाना करीब छह से सात हजार छोटे-बड़े वाहन पहुंच रहे हैं।

इस मार्ग पर यातायात प्रभावित होने के मुख्य कारण हैं-

  • सीमित पार्किंग की उपलब्धता
  • सड़कों के संकरे हिस्से
  • हाईवे के किनारे बेतरतीब खड़े होने वाले वाहन

सीतापुर, रामपुर और सोनप्रयाग की पार्किंग पूरी तरह भर जाने के कारण वाहन चालकों को मजबूरन हाईवे के किनारे ही गाड़ियां खड़ी करनी पड़ रही हैं। इसके अलावा, सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच छह किलोमीटर का मार्ग सिंगल लेन होने के कारण बड़े वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस हिस्से में केवल शटल वाहनों और मैक्स के जरिए यात्रियों को आगे भेजा जा रहा है, लेकिन अत्यधिक भीड़ के चलते इन वाहनों पर भी भारी दबाव है। कई बार जाम की स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि यात्रियों को सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक की दूरी पैदल ही तय करनी पड़ती है।

स्थानीय संगठनों और प्रशासन की प्रतिक्रिया

क्षेत्रीय संगठनों और स्थानीय लोगों ने इस समस्या को लेकर गहरी चिंता जताई है। केदारघाटी होटल एसोसिएशन के सचिव मनोज सेमवाल का कहना है कि यात्रा के दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ी है और आगामी एक महीने तक इसी तरह भारी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पार्किंग की सीमित क्षमता के कारण वाहन सड़क किनारे खड़े करने पड़ते हैं। प्रशासन स्थिति से निपटने का प्रयास कर रहा है, लेकिन वाहनों की संख्या क्षमता से अधिक है।

Uttarakhand News: नेपाली गीत से फिर गरमाया सीमा विवाद, टनकपुर और अल्मोड़ा को नेपाल का हिस्सा बताने पर छिड़ी बहस

गौरीकुंड व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष मायाराम गोस्वामी ने मांग की है कि सरकार और प्रशासन को भविष्य के लिए स्थायी पार्किंग की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि यात्रियों और स्थानीय निवासियों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।

दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पूरी मुस्तैदी दिखाई है। पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर ने जानकारी दी है कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस लगातार यातायात को नियंत्रित करने में जुटी है। जाम से प्रभावित होने वाले प्रमुख स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा मिल सके।

Location :  Rudraprayag

Published :  4 October 2026, 9:37 AM IST

Related News

Advertisement