देवरिया के न्यू कॉलोनी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक निजी क्लिनिक पर छापा मारकर जांच की। निरीक्षण के दौरान क्लिनिक में ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर और जनरल वार्ड जैसी व्यवस्थाएं संचालित मिलें। आवश्यक अभिलेख और वैध दस्तावेज न मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने क्लिनिक को सील कर दिया।

अवैध अस्पताल पर छापा
Deoria: अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों और क्लिनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को शहर के न्यू कॉलोनी इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक निजी क्लिनिक पर अचानक छापा मार दिया। निरीक्षण के दौरान टीम को क्लिनिक में ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर और जनरल वार्ड जैसी व्यवस्थाएं संचालित होती मिलीं, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई सीएमओ के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. अश्वनी पाण्डेय के नेतृत्व में की गई। स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम ने न्यू कॉलोनी स्थित उस क्लिनिक पर छापा मारा, जो पहले अविका क्लिनिक के नाम से संचालित हो रहा था, लेकिन हाल ही में उसका नाम बदलकर तृषिका क्लिनिक कर दिया गया था। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बताया कि महज दो दिन पहले ही क्लिनिक का नाम बदला गया है।
छापेमारी के दौरान टीम ने क्लिनिक के अंदर जाकर बारीकी से निरीक्षण किया। वहां ओपीडी चलती मिली, जबकि ऑपरेशन थिएटर और जनरल वार्ड जैसी व्यवस्थाएं भी मौजूद पाई गईं। जांच के दौरान टीम को क्लिनिक के पैड पर फिजिशियन डॉ. दयाशंकर राय का नाम अंकित मिला। हालांकि, जब टीम ने अस्पताल से संबंधित आवश्यक अभिलेख, रजिस्ट्रेशन और संचालन से जुड़े दस्तावेज मांगे तो मौके पर मौजूद कर्मचारी कोई भी वैध रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सके।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद कर्मचारी सरिता यादव और खुशबू चौहान से पूछताछ की, लेकिन संतोषजनक जवाब और आवश्यक कागजात न मिलने पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्लिनिक को सील कर दिया। विभाग की इस कार्रवाई के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
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डिप्टी सीएमओ डॉ. अश्वनी पाण्डेय ने बताया कि यह कार्रवाई सीएमओ के निर्देश पर की जा रही है और जनपद में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों व क्लिनिकों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जब तक ऐसे अवैध अस्पताल पूरी तरह बंद नहीं हो जाते, तब तक विभाग की कार्रवाई रुकने वाली नहीं है। छापेमारी के दौरान टीम में अरुण शाही और सूरज समेत अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।