पटियालधार स्थित नर्सिंग कॉलेज के समीप जंगल में लगी भीषण आग पर गोपेश्वर पुलिस और फायर सर्विस की त्वरित व साहसिक कार्रवाई से समय रहते काबू पा लिया गया। इस क्विक रिस्पांस से आवासीय क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थान और पशुधन को सुरक्षित बचाया जा सका।

भीषण आग पर काबू
Chamoli: गोपेश्वर के पटियालधार क्षेत्र में स्थित नर्सिंग कॉलेज के समीप जंगल में लगी भीषण आग पर समय रहते काबू पाकर पुलिस एवं फायर सर्विस गोपेश्वर ने एक बड़े हादसे को टाल दिया। आग की तीव्रता और इसके तेजी से फैलने की आशंका को देखते हुए हालात बेहद गंभीर हो गए थे, लेकिन त्वरित सूचना, सजगता और समन्वित प्रयासों के चलते जान-माल की भारी क्षति से क्षेत्र को सुरक्षित रखा जा सका।
थाना गोपेश्वर एवं फायर स्टेशन गोपेश्वर को जैसे ही सूचना प्राप्त हुई कि नर्सिंग कॉलेज पटियालधार के समीप जंगल में आग भड़क गई है, वैसे ही स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई की गई। चौकी पटियालधार, थाना गोपेश्वर से पुलिस बल और फायर स्टेशन गोपेश्वर की टीम फायर टेंडर के साथ बिना किसी देरी के घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
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जब पुलिस और फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुँचीं, तब तक आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी। तेज हवाओं और सूखे जंगल के कारण आग की लपटें तेजी से फैल रही थीं और नर्सिंग कॉलेज की स्टाफ कॉलोनी, आसपास के आवासीय भवनों तथा स्थानीय लोगों की गौशालाओं की दिशा में बढ़ रही थीं। यदि समय रहते कार्रवाई न होती, तो बड़ा हादसा घटित हो सकता था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और फायर सर्विस के जवानों ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाला। पुलिस कर्मियों ने पेड़ों की टहनियों और अन्य पारंपरिक तरीकों का उपयोग कर आग के फैलाव को रोकने का प्रयास किया। वहीं फायर सर्विस गोपेश्वर के जवानों ने फायर टेंडर की होजरील से लगातार पंपिंग करते हुए आग पर नियंत्रण पाने की प्रक्रिया शुरू की।
आग बुझाने की इस कार्रवाई के दौरान पुलिस और फायर सर्विस के जवानों ने अत्यंत साहस, सूझबूझ और आपसी समन्वय का परिचय दिया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार फैलती आग के बीच भी टीमों ने हिम्मत नहीं हारी और रणनीतिक ढंग से आग को घेरते हुए उसके विस्तार को रोका।
पुलिस और फायर टीम के इस ‘क्विक रिस्पांस’ का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि आग के फैलाव को समय रहते रोक लिया गया। काफी मशक्कत के बाद स्थिति पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त कर लिया गया और आग को पूरी तरह बुझा दिया गया। इस त्वरित कार्रवाई से बड़े पैमाने पर संभावित जान-माल के नुकसान को टाल दिया गया।
इस घटना में सबसे राहत की बात यह रही कि नर्सिंग कॉलेज की स्टाफ कॉलोनी, आसपास के आवासीय भवन, शैक्षणिक परिसर और स्थानीय लोगों का पशुधन पूरी तरह सुरक्षित रहा। यदि आग इन क्षेत्रों तक पहुँच जाती, तो नुकसान का अंदाजा लगाना मुश्किल होता।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और फायर सर्विस गोपेश्वर की तत्परता और साहस की खुलकर सराहना की। लोगों का कहना है कि समय पर की गई कार्रवाई ने न केवल उनकी संपत्ति बल्कि जानवरों और पर्यावरण को भी बचाया।
पटियालधार क्षेत्र की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आपात स्थितियों में त्वरित सूचना, सतर्क प्रशासन और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय कितना महत्वपूर्ण होता है। पुलिस और फायर सर्विस की यह संयुक्त कार्रवाई भविष्य के लिए भी एक प्रेरक उदाहरण है।