डोईवाला के लच्छीवाला वन रेंज में वन अग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहत लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वन विभाग स्कूली बच्चों और आम जनता को जंगलों की सुरक्षा और आग से बचाव के प्रति जागरूक कर रहा है।

लच्छीवाला रेंज में वन अग्नि सुरक्षा सप्ताह
Dehradun: उत्तराखंड में हर वर्ष की तरह इस बार भी वन विभाग द्वारा 1 फरवरी से 7 फरवरी तक वन अग्नि सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में देहरादून जनपद के डोईवाला क्षेत्र अंतर्गत लच्छीवाला वन रेंज में लगातार प्रतिदिन विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य जंगलों में लगने वाली आग की घटनाओं को रोकना और आम जनता को इसके दुष्परिणामों से अवगत कराना है।
लच्छीवाला वन रेंज अधिकारी मेघावी कीर्ति के नेतृत्व में यह अभियान प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। वे लगातार वन संपदा को आग से बचाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने में जुटी हुई हैं। उनका फोकस खास तौर पर स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीण क्षेत्रों की आम जनता पर है, ताकि बचपन से ही वन संरक्षण की समझ विकसित हो सके।
डोईवाला क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों में गोष्ठियों का आयोजन कर लोगों को वन अग्नि की गंभीरता के बारे में बताया जा रहा है। इन बैठकों में बताया जा रहा है कि जंगलों में लगने वाली आग से न केवल पेड़-पौधे नष्ट होते हैं, बल्कि वन्यजीवों, पर्यावरण और मानव जीवन पर भी इसका गहरा असर पड़ता है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे वन अग्नि की रोकथाम में प्रशासन का सहयोग करें।
वन विभाग की टीम द्वारा स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में लच्छीवाला वन रेंज के अंतर्गत गूलर घाटी स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम किया गया। वहीं डोईवाला के दूधली क्षेत्र में भी विद्यार्थियों को वनों की रक्षा की शपथ दिलाई गई। बच्चों को बताया गया कि जंगल हमारी जीवनरेखा हैं और उनकी सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है।
लच्छीवाला वन रेंज
रेंज अधिकारी मेघावी कीर्ति ने छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों को यह भी जानकारी दी कि यदि कहीं जंगल में आग लगती दिखाई दे, तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें। समय पर सूचना मिलने से आग पर जल्दी काबू पाया जा सकता है और बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।
मेघावी कीर्ति ने बताया कि आने वाले दिनों में एनसीसी, एनएसएस के छात्र-छात्राओं, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवी संस्थाओं और जागरूक नागरिकों के साथ मिलकर एक मॉक ड्रिल कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस मॉक ड्रिल के माध्यम से जंगल की आग से निपटने के व्यावहारिक तरीके सिखाए जाएंगे और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की ट्रेनिंग दी जाएगी।
वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे वनों में किसी भी प्रकार की ज्वलनशील सामग्री जैसे माचिस, बीड़ी, सिगरेट आदि न फेंके। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। विभाग का मानना है कि जनसहभागिता से ही वन अग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।