Dehradun News: जुलाई से लापता युवक का मिला शव, जंगल में मिले कंकाल से खुलेगा मौत का राज

Dehradun News: किमाड़ी के जंगल में मिले कंकाल को तीन महीने से लापता मोहम्मद सारिक से जोड़कर देखा जा रहा है। कपड़ों के आधार पर स्वजनों ने पहचान की है। पुलिस ने DNA जांच के लिए नमूने भेजे हैं। रिपोर्ट से पहचान और जांच को दिशा मिलेगी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 20 October 2026, 10:12 AM IST
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Dehradun: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में किमाड़ी के जंगल में मिले कंकाल ने तीन महीने से लापता 22 वर्षीय मोहम्मद सारिक के मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। घटनास्थल से मिले कपड़ों के आधार पर स्वजनों ने कंकाल की पहचान सारिक के रूप में की है।

हालांकि, पुलिस ने अभी पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसकी वैज्ञानिक पुष्टि के लिए कंकाल से जुड़े नमूने डीएनए जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कंकाल सारिक का है या नहीं।

तीन महीने से लापता था मोहम्मद सारिक

मोहम्मद सारिक देहरादून की आजाद कॉलोनी का निवासी था। वह ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी से रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजी में स्नातक की पढ़ाई कर रहा था। जानकारी के अनुसार, सारिक 17 जुलाई की रात अचानक घर से लापता हो गया था।

परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद 18 जुलाई को स्वजनों ने पटेलनगर कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। लंबे समय तक उसका पता नहीं चलने के कारण परिवार की चिंता लगातार बढ़ती गई।

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गुमशुदगी का मामला अपहरण की प्राथमिकी में बदला

सारिक के लापता होने के बाद पुलिस ने शुरुआती स्तर पर उसकी तलाश की। हालांकि, काफी प्रयासों के बावजूद जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस ने गुमशुदगी के मामले को अपहरण की प्राथमिकी में तरमीम कर दिया। इसके बाद भी सारिक का पता नहीं चल सका।

अब किमाड़ी के जंगल में कंकाल मिलने के बाद मामले की जांच एक बार फिर महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस कंकाल की पहचान के साथ-साथ उसकी मौत से जुड़ी परिस्थितियों का भी पता लगाने में जुटी है।

किमाड़ी के जंगल में सात किलोमीटर भीतर मिला कंकाल

हाल ही में किमाड़ी से आगे जंगल के भीतर करीब सात किलोमीटर की दूरी पर एक कंकाल मिला। मौके से कुछ कपड़े भी बरामद हुए। इन्हीं कपड़ों के आधार पर सारिक के स्वजनों ने कंकाल की पहचान उससे संबंधित होने के रूप में की।

हालांकि, केवल कपड़ों के आधार पर पहचान की अंतिम पुष्टि नहीं की जा सकती। इसी वजह से पुलिस ने डीएनए जांच का सहारा लिया है। फॉरेंसिक लैब से रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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डीएनए रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी पहचान

सीओ सदर अंकित कंडारी के अनुसार, कंकाल की पहचान की वैज्ञानिक पुष्टि के लिए डीएनए जांच आवश्यक है। पुलिस ने इसके लिए नमूने फॉरेंसिक लैब भेज दिए हैं। रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस मौत की परिस्थितियों और स्वजनों की ओर से लगाए गए हत्या के आरोपों से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।

फिलहाल, न तो कंकाल की पहचान की आधिकारिक पुष्टि हुई है और न ही मौत के कारणों का खुलासा हुआ है। जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Dehradun

Published :  20 October 2026, 10:12 AM IST

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