Cyber Crimes in Uttarakhand: उत्तराखंड में साइबर अपराधों पर ऐसी कसी जाएगी नकेल

उत्तराखंड में वित्तीय साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए बुधवार को सचिवालय में 25वीं राज्य स्तरीय समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य फोकस राज्य में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाना है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 9 July 2025, 2:30 PM IST

Dehradun: उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनंद वर्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में 25वीं राज्य स्तरीय समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य फोकस राज्य में बढ़ते वित्तीय साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने पर रहा।

डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार  मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वित्तीय साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए संस्थागत प्रयासों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने त्वरित कार्रवाई और ठोस समन्वय तंत्र की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सभी विभाग मिलकर कार्य करें और संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को एक स्वतंत्र एजेंसी के रूप में कार्य करने का अधिकार दिया जाए, ताकि वह बिना किसी बाधा के वित्तीय अपराधों की जांच कर सके। इसके अलावा, साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा गया, जिससे अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूती मिलेगी।

मुख्य सचिव ने दिया ये अहम सुझाव

जानकारी के अनुसार मुख्य सचिव ने आम जनता को जागरूक करने की दिशा में सामाजिक प्रचार अभियान और मीडिया के जरिए नियमित जानकारी देने की बात भी कही। उन्होंने एक नियमित निवेश पोर्टल तैयार करने का सुझाव दिया ताकि निवेशक सही जानकारी के आधार पर सुरक्षित निवेश कर सकें और फर्जी स्कीमों से बचा जा सके।

ये अधिकारी रहे मौजूद

इस अहम बैठक में सचिव श्री दिलीप जावलकर, पुलिस महानिरीक्षक श्री नीलेश आनंद भरने, आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक श्री अरविंद कुमार, एसबीआई की महाप्रबंधक श्रीमती गीता सहित विभिन्न बैंकों और एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में वित्तीय धोखाधड़ी की घटनाओं को रोकने के लिए बहु-स्तरीय निगरानी तंत्र और तकनीकी उपायों को मजबूत करने पर सहमति बनी। अंत में सभी विभागों को अपने-अपने स्तर पर समन्वित कार्ययोजना बनाकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

बता दें कि साइबर अपराध, जिसे "साइबर क्राइम" भी कहा जाता है, कंप्यूटर, इंटरनेट, या डिजिटल उपकरणों का उपयोग करके की जाने वाली गैरकानूनी गतिविधियाँ हैं. इसमें हैकिंग, पहचान की चोरी, वायरस फैलाना, वित्तीय धोखाधड़ी, और अन्य दुर्भावनापूर्ण कार्य शामिल हैं।

Location :  Haridwar

Published :  9 July 2025, 2:29 PM IST