
बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा मामले में जांच पूरी (सोर्स- Pinterest)
Dehradun: विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे में हुई हेराफेरी के गंभीर मामले में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की चार सदस्यीय जांच समिति ने अपनी जांच पूरी कर ली है। इस मामले को लेकर सराफा और धार्मिक गलियारों में काफी चर्चा है।
जांच समिति अब बहुत जल्द अपनी विस्तृत और अंतिम रिपोर्ट मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) को सौंपने जा रही है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कानूनी और विभागीय गाज गिरना तय माना जा रहा है।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब भैरव सेना के केंद्रीय अध्यक्ष संदीप खत्री ने बीकेटीसी के एक कर्मचारी पर बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी करने के गंभीर आरोप लगाते हुए आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी।
करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले को मंदिर समिति ने बेहद गंभीरता से लिया। आनन-फानन में बीकेटीसी के अध्यक्ष के निर्देश पर मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक चार सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया गया, जिसने तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।
जांच समिति ने अपनी प्रारंभिक तफ्तीश के आधार पर सबसे पहले बड़ा कदम उठाते हुए वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को नोटों की गणना ड्यूटी और प्रोटोकॉल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से बाहर कर दिया था।
इसके बाद जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, समिति ने मंदिर परिसर और गणना कक्ष के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में पुख्ता सबूत मिलने के बाद बीकेटीसी ने आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया था।
चार सदस्यीय जांच दल ने करीब एक सप्ताह तक बदरीनाथ धाम में डेरा डालकर चढ़ावे में हुई गड़बड़ी के हर एक पहलू की बारीकी से पड़ताल की। टीम की ओर से न केवल सीसीटीवी फुटेज की री-चेकिंग की गई, बल्कि गणना कक्ष (कंटिंग रूम) में तैनात रहने वाले अन्य कर्मचारियों के बयानों को भी दर्ज किया गया।
इसके साथ ही हर दिन के चढ़ावे के रिकॉर्ड का मिलान भी किया गया। शुक्रवार को समिति ने आखिरकार अपनी जांच के सभी बिंदुओं को पूरा कर रिपोर्ट को अंतिम रूप दे दिया।
बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि जांच समिति ने अपना काम पूरा कर लिया है। उन्होंने मीडिया को बताया कि जांच समिति की रिपोर्ट अभी आधिकारिक रूप से कार्यालय को प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन जैसे ही रिपोर्ट उनके टेबल पर आएगी, उसमें शामिल तथ्यों के आधार पर आगे की सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मंदिर प्रशासन का कहना है कि आस्था के केंद्र में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Location : Dehradun
Published : 11 July 2026, 10:30 AM IST