आस्था या अनजाने में जोखिम? बदरीनाथ के तप्त कुंड में 108 डुबकी लगाने के दौरान 2 श्रद्धालुओं की मौत

बदरीनाथ धाम के तप्त कुंड में दर्दनाक हादसा! राजस्थान की दो बुजुर्ग बहनों ने आस्था के चलते 108 बार डुबकी लगाने का संकल्प लिया, लेकिन लगातार पानी के भीतर रहने से ऑक्सीजन की कमी हुई और वे बेहोश हो गईं। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 11 September 2026, 12:22 PM IST

Chamoli: उत्तराखंड स्थित प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में शुक्रवार तड़के एक हृदयविदारक घटना घटित हुई। भगवान बद्री विशाल के दर्शन से पहले पवित्र स्नान करने पहुंचीं दो श्रद्धालुओं की तप्त कुंड (गर्म पानी के कुंड) में मौत हो गई।

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से आई ये दोनों महिलाएं रिश्ते में बहनें थीं और बदरीनाथ धाम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने पहुंची थीं। प्रभु भक्ति में लीन होकर दोनों ने कुंड में 108 बार डुबकी लगाने का संकल्प लिया था, लेकिन यही भक्ति मार्ग उनके जीवन का आखिरी सफर बन गया।

लगातार डुबकी लगाने से बिगड़ी स्थिति

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीलवाड़ा से करीब 100 श्रद्धालुओं का एक दल 4 सितंबर को बदरीनाथ पहुंचा था। शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे दल की चार महिलाएं और एक पुरुष मंदिर परिसर पहुंचे।

पुरुषों के स्नान के बाद 71 वर्षीय रामू देवी और 63 वर्षीय प्रेमा देवी महिला तप्त कुंड में उतरीं। दोनों बहनों ने ईश्वर स्मरण करते हुए बिना रुके लगातार 108 बार पानी में डुबकी लगानी शुरू कर दी।

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अत्यधिक गर्म पानी और ऑक्सीजन की कमी बनी वजह

गर्म पानी के कुंड में लगातार और तेजी से डुबकी लगाने के कारण दोनों के शरीर का तापमान अचानक बढ़ गया और मस्तिष्क तक ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित हो गई। देखते ही देखते दोनों कुंड के भीतर ही अचेत हो गईं। साथ में मौजूद अन्य साथी महिलाओं ने जब उन्हें अचेत देखा तो शोर मचाया।

मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और श्रद्धालुओं ने दोनों को तुरंत बाहर निकाला और प्राथमिक सीपीआर (CPR) दिया, लेकिन कोई हलचल नहीं हुई। बदरीनाथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सीख

बदरीनाथ का तप्त कुंड प्राकृतिक रूप से बहुत गर्म पानी का स्रोत है। ऊंचे पहाड़ी इलाके में पहले से ही हवा का दबाव कम होता है, ऐसे में अत्यधिक गर्म पानी में देर तक रहने या बार-बार डुबकी लगाने से चक्कर आने और सांस रुकने का गंभीर खतरा रहता है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है और यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखकर ही धार्मिक अनुष्ठान करें।

Location :  Chamoli

Published :  11 September 2026, 12:22 PM IST