मैनपुरी के थाना कोतवाली क्षेत्र में दबंगों ने स्कॉर्पियो से युवक को कुचलने की कोशिश की। पीड़ित ने हत्या की नीयत, धमकी और गाली-गलौज के आरोप लगाए हैं। पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई है।

पीड़ित ने पुलिस से की मामले की शिकायत
Mainpuri: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में एक बार फिर दबंगई का खौफनाक चेहरा सामने आया है। दिनदहाड़े सड़क पर एक युवक को जान से मारने की कोशिश की गई और हथियार बना ली गई एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो। मामला सिर्फ आपसी रंजिश या कहासुनी का नहीं, बल्कि खुलेआम मौत का खेल खेलने की कोशिश का है, जहां कानून का डर खत्म और दबंगई का बोलबाला साफ नजर आया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग सहमे हुए हैं कि अगर बीच सड़क इस तरह जान लेने की कोशिश हो सकती है, तो आम आदमी कितना सुरक्षित है।
आगरा रोड मंडी गेट पर खौफनाक वारदात
यह पूरा मामला मैनपुरी जनपद के थाना कोतवाली क्षेत्र का है। ग्राम परोख निवासी वीरेंद्र पुत्र राधेश्याम के मुताबिक, 5 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 2 बजकर 35 मिनट पर वह किसी जरूरी काम से आगरा रोड मंडी गेट नंबर-01 के सामने गया था। तभी अचानक सामने से एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी तेजी से आती दिखाई दी।
स्कॉर्पियो से कुचलने की कोशिश
पीड़ित का आरोप है कि गाड़ी में सवार विनय मिश्रा उर्फ टिल्लन मिश्रा और विवेक पुत्र अशोक मिश्रा निवासी ग्राम मधाऊ थाना कोतवाली अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और सीधे उसे कुचलने की नीयत से गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। अचानक हुए इस हमले से वीरेंद्र बाल-बाल बच गया, लेकिन कुछ सेकंड का फर्क उसकी जान ले सकता था।
गालियां, धमकी और दहशत
वीरेंद्र के अनुसार, आरोपी सिर्फ हमला करके नहीं रुके, बल्कि गाली-गलौज करते हुए खुलेआम हत्या की धमकी भी दी। आरोपियों ने कहा कि वे पहले भी हत्या कर चुके हैं और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाया। यह शब्द सिर्फ धमकी नहीं, बल्कि इलाके में दहशत फैलाने का खुला ऐलान था।
शोर मचते ही फरार हुए आरोपी
जब वीरेंद्र ने शोर मचाया तो आसपास मौजूद लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। भीड़ जुटते देख आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग सहमे हुए नजर आए।
पुलिस के दरवाजे पर पीड़ित
घटना के बाद वीरेंद्र ने कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर पूरी घटना की जानकारी दी है। उसने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर ऐसे लोगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो दबंगई और अपराध का ग्राफ और बढ़ेगा।
सवालों के घेरे में कानून व्यवस्था
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि आखिर दबंगों में कानून का डर क्यों खत्म होता जा रहा है। दिनदहाड़े भीड़भाड़ वाले इलाके में जान से मारने की कोशिश करना, खुलेआम धमकी देना और आराम से फरार हो जाना, यह सब सिस्टम की कमजोरी की तरफ इशारा करता है।