Delhi-NCR: अब आगरा जाना जेब पर पड़ेगा भारी? यमुना एक्सप्रेसवे पर टोल बढ़ाने की तैयारी से यात्रियों में हलचल

नोएडा से आगरा जाने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। यमुना एक्सप्रेसवे पर टोल बढ़ाने को लेकर ऐसा प्रस्ताव आया है, जिससे सफर का खर्च बढ़ सकता है। आखिर कितनी बढ़ सकती हैं दरें, किन लोगों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर और क्या मिल सकती है राहत?

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 13 May 2026, 9:15 AM IST

New Delhi: दिल्ली-एनसीआर से आगरा जाने वाले लाखों यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में बड़ा झटका लग सकता है। यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को जल्द ही ज्यादा टोल टैक्स चुकाना पड़ सकता है। एक्सप्रेसवे का संचालन और रखरखाव देख रही कंपनी ने शासन को टोल दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो निजी कार से लेकर बस और ट्रक तक सभी वाहनों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ जाएगा।

इस खबर के सामने आने के बाद रोजाना एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों और व्यापारिक वाहनों के चालकों में चिंता बढ़ गई है। खासकर वे लोग जो नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आगरा के बीच नियमित यात्रा करते हैं, उनके लिए यह फैसला सीधे जेब पर असर डाल सकता है।

कंपनी ने क्यों मांगी टोल बढ़ाने की अनुमति?

यमुना एक्सप्रेसवे का प्रबंधन संभाल रही सुरक्षा समूह कंपनी का कहना है कि जेपी इंफ्राटेक के साथ हुए अनुबंध के अनुसार हर साल टोल दरों की समीक्षा और संशोधन होना चाहिए। कंपनी का तर्क है कि होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) के आधार पर टोल में नियमित बढ़ोतरी का प्रावधान है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से ऐसा लगातार नहीं हो पाया है।

नोएडा में घर खरीदने से पहले पढ़ लें ये खबर… कहीं सपनों का आशियाना न बन जाए जिंदगी की सबसे बड़ी गलती

कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि टोल दरें समय पर नहीं बढ़ने से रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था पर आर्थिक दबाव पड़ता है। एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक के कारण सड़क की मरम्मत, सुरक्षा उपकरण, पेट्रोलिंग और अन्य सेवाओं का खर्च भी बढ़ा है। इसी वजह से शासन से टोल बढ़ाने की अनुमति मांगी गई है।

कितनी बढ़ सकती हैं टोल दरें?

सूत्रों के मुताबिक प्रस्ताव में डब्ल्यूपीआई के आधार पर करीब चार प्रतिशत तक टोल बढ़ाने की बात कही गई है। अगर पिछले दो वर्षों के आंकड़ों को जोड़ा जाए तो यह बढ़ोतरी सात से आठ प्रतिशत तक पहुंच सकती है।

फिलहाल ग्रेटर नोएडा से आगरा तक निजी कार से सफर करने पर लगभग 485 रुपये टोल देना पड़ता है। अगर चार प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू होती है तो कार चालकों को करीब 20 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं। वहीं बस और ट्रक जैसे बड़े व्यावसायिक वाहनों पर इसका असर और ज्यादा दिखाई देगा।

इस समय बस और ट्रक को तीनों टोल प्लाजा- जेवर, मथुरा और आगरा मिलाकर लगभग 1545 रुपये तक भुगतान करना पड़ता है। बढ़ी हुई दरें लागू होने के बाद यह राशि और ऊपर जा सकती है।

आम यात्रियों पर क्या होगा असर?

टोल बढ़ोतरी का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना नौकरी, व्यापार या अन्य कारणों से इस मार्ग का उपयोग करते हैं। एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले टैक्सी और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों का मानना है कि अगर टोल बढ़ा तो किराए भी बढ़ेंगे। इसका असर आम उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा।

पर्यटन पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। आगरा घूमने जाने वाले परिवारों और पर्यटकों को यात्रा खर्च में बढ़ोतरी झेलनी पड़ सकती है। खासकर वीकेंड पर बड़ी संख्या में दिल्ली-एनसीआर से लोग ताजमहल और अन्य पर्यटन स्थलों की यात्रा करते हैं।

NEET UG 2026 परीक्षा रद्द, जानिए कब और क्यों शुरू हुई थी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा

यमुना प्राधिकरण ने जताई आपत्ति

जहां कंपनी टोल बढ़ाने के पक्ष में है  वहीं यमुना प्राधिकरण इस प्रस्ताव को लेकर पूरी तरह सहमत नहीं दिख रहा। प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालना उचित नहीं होगा। उन्होंने तर्क दिया कि जब एक्सप्रेसवे का निर्माण हुआ था, उस समय जितने ट्रैफिक का अनुमान लगाया गया था, अब उससे कहीं ज्यादा वाहन इस मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं।

बरेली-आगरा हाईवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और अन्य कनेक्टिविटी बढ़ने के कारण यमुना एक्सप्रेसवे पर यातायात लगातार बढ़ा है। ऐसे में बढ़े हुए ट्रैफिक से कंपनी को अतिरिक्त आय भी हो रही है। प्राधिकरण का मानना है कि इस अतिरिक्त ट्रैफिक का फायदा आम लोगों को मिलना चाहिए और फिलहाल टोल दरें नहीं बढ़ाई जानी चाहिए। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर शासन को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जा रही है और कंपनी अधिकारियों के साथ आगे बातचीत भी होगी।

फैसला आने तक यात्रियों की नजर शासन पर

अब सभी की नजर शासन के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है। अगर प्रस्ताव मंजूर होता है तो आने वाले समय में यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर पहले से ज्यादा महंगा हो सकता है। वहीं अगर प्राधिकरण की दलीलें मानी जाती हैं तो यात्रियों को राहत मिल सकती है।

Location :  New Delhi

Published :  13 May 2026, 9:09 AM IST