संस्कारी फोटो को पहले बनाया अश्लील, फिर लड़की की इज्जत को मिट्टी में मिलाया, गोरखपुर पुलिस को पता चला तो…

गोरखपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में महिला की फोटो एडिट कर उसे अश्लील रूप में सोशल मीडिया पर वायरल करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने साइबर तकनीक और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 11 May 2026, 12:21 AM IST

Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से सोशल मीडिया के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। कोतवाली थाना क्षेत्र में एक महिला की फोटो को मोबाइल एप्लीकेशन की मदद से एडिट कर अश्लील रूप में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। आरोप है कि यह सब परिवार की सामाजिक छवि खराब करने और बदनाम करने की नीयत से किया गया।

पीड़िता फातिमा ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि कुछ लोग पुरानी रंजिश के चलते उनके परिवार को समाज में बदनाम करने की कोशिश कर रहे थे। आरोपियों ने उनकी तस्वीर को एडिट कर आपत्तिजनक बनाया और फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिया। फोटो वायरल होने के बाद परिवार को सामाजिक अपमान और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।

तकनीकी जांच से पुलिस ने खोली साजिश की परतें

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से वायरल फोटो, सोशल मीडिया अकाउंट और संबंधित मोबाइल नंबरों की डिजिटल ट्रैकिंग की। जांच के दौरान पुलिस को कई अहम डिजिटल सबूत मिले, जिससे साफ हो गया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फोटो को एडिट कर वायरल किया था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों ने मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर तस्वीर को अश्लील रूप दिया और फिर उसे अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों का मकसद पीड़िता और उसके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना था।

तीन आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल फोन बरामद

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मासूम रजा, नाजिश फातिमा और अजीज बेगम के रूप में हुई है। तीनों आरोपी नजीराबाद क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण भी बरामद किए हैं। इन डिवाइसों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि फोटो किन-किन प्लेटफॉर्म पर वायरल की गई और इसमें अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।

आईटी एक्ट के तहत दर्ज हुआ मुकदमा

कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 352, 351(4) बीएनएस और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया पर किसी की छवि खराब करने, फर्जी सामग्री फैलाने या अश्लील फोटो वायरल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल और साइबर अपराधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Location :  Gorakhpur

Published :  11 May 2026, 12:21 AM IST