
गैंगस्टर विकास दुबे (फाइल फोटो)
कानपुर: कानपुर के बिकरू कांड के मुख्य आरोपी और गैंगस्टर विकास दुबे की पुलिस मुठभेड़ में मौत के छह साल बाद भी उसका मृत्यु प्रमाणपत्र जारी नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम दस्तावेजों और बॉडी डिस्पोजल स्लिप में पिता के नाम में दर्ज गलती के कारण प्रमाणपत्र बनने में तकनीकी अड़चन आ रही है।
मामला अब हाईकोर्ट पहुंच चुका है। न्यायालय के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
हाईकोर्ट की ओर से स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद मंगलवार को कानपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. हरिदत्त नेमी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। सीएमओ ने पोस्टमार्टम हाउस कार्यालय में पंचायतनामा रजिस्टर, पोस्टमार्टम से जुड़े दस्तावेज, कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर और अन्य संबंधित अभिलेख की जांच की।
इसके बाद उन्होंने पोस्टमार्टम प्रभारी के साथ बंद कमरे में करीब एक घंटे तक रिकॉर्ड की बारीकी से पड़ताल की और अधिकारियों व कर्मचारियों से जरूरी जानकारी ली।
गैंगस्टर विकास दुबे की मौत 10 जुलाई 2020 को कानपुर के पास पुलिस एनकाउंटर में हुई थी। बिकरू कांड के बाद पुलिस उसे मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार कर कानपुर ला रही थी। इसी दौरान पुलिस के अनुसार, वाहन पलटने के बाद उसने भागने की कोशिश की और मुठभेड़ में मारा गया।
विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे ने दस्तावेजों में दर्ज नाम की गलती को ठीक कराने के लिए नगर निगम, पोस्टमार्टम हाउस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया था। उन्होंने जिलाधिकारी समेत कई अधिकारियों से शिकायत कर रिकॉर्ड में सुधार और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
इसके बाद ऋचा दुबे ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।
जांच के दौरान सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी पोस्टमार्टम हाउस के डीप फ्रीजर रूम भी पहुंचे। उन्होंने वहां साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और:
के निर्देश दिए।
सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि ऋचा दुबे की याचिका पर हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग से आख्या मांगी है। उन्होंने कहा कि संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई है और जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय में पेश की जाएगी।
Location : kanpur
Published : 1 September 2026, 4:14 PM IST
Topics : Bikru Case Update Kanpur News Today UP Crime News Vikas Dubey Death Certificate Vikas Dubey Encounter Case