Gangster Vikas Dubey मृत्यु प्रमाणपत्र पर क्यो छिड़ा विवाद? CMO ने खंगाले दस्तावेज

गैंगस्टर विकास दुबे की पुलिस एनकाउंटर में मौत के छह साल बाद भी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पाया है। पोस्टमार्टम दस्तावेजों में पिता के नाम की गलती के चलते मामला अटका है। हाईकोर्ट के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग जांच कर रिपोर्ट तैयार कर रहा है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 1 September 2026, 4:14 PM IST

कानपुर: कानपुर के बिकरू कांड के मुख्य आरोपी और गैंगस्टर विकास दुबे की पुलिस मुठभेड़ में मौत के छह साल बाद भी उसका मृत्यु प्रमाणपत्र जारी नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम दस्तावेजों और बॉडी डिस्पोजल स्लिप में पिता के नाम में दर्ज गलती के कारण प्रमाणपत्र बनने में तकनीकी अड़चन आ रही है।

मामला अब हाईकोर्ट पहुंच चुका है। न्यायालय के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे CMO

हाईकोर्ट की ओर से स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद मंगलवार को कानपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. हरिदत्त नेमी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। सीएमओ ने पोस्टमार्टम हाउस कार्यालय में पंचायतनामा रजिस्टर, पोस्टमार्टम से जुड़े दस्तावेज, कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर और अन्य संबंधित अभिलेख की जांच की।

इसके बाद उन्होंने पोस्टमार्टम प्रभारी के साथ बंद कमरे में करीब एक घंटे तक रिकॉर्ड की बारीकी से पड़ताल की और अधिकारियों व कर्मचारियों से जरूरी जानकारी ली।

10 जुलाई 2020 को पुलिस मुठभेड़ में हुई थी मौत

गैंगस्टर विकास दुबे की मौत 10 जुलाई 2020 को कानपुर के पास पुलिस एनकाउंटर में हुई थी। बिकरू कांड के बाद पुलिस उसे मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार कर कानपुर ला रही थी। इसी दौरान पुलिस के अनुसार, वाहन पलटने के बाद उसने भागने की कोशिश की और मुठभेड़ में मारा गया।

दस्तावेजों में पिता के नाम की गलती बनी समस्या

विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे ने दस्तावेजों में दर्ज नाम की गलती को ठीक कराने के लिए नगर निगम, पोस्टमार्टम हाउस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया था। उन्होंने जिलाधिकारी समेत कई अधिकारियों से शिकायत कर रिकॉर्ड में सुधार और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।

इसके बाद ऋचा दुबे ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।

पोस्टमार्टम हाउस की व्यवस्थाओं का भी किया निरीक्षण

जांच के दौरान सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी पोस्टमार्टम हाउस के डीप फ्रीजर रूम भी पहुंचे। उन्होंने वहां साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और:

  • डीप फ्रीजर की क्षमता बढ़ाने
  • वोल्टेज व्यवस्था सुधारने

के निर्देश दिए।

जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में होगी पेश

सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि ऋचा दुबे की याचिका पर हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग से आख्या मांगी है। उन्होंने कहा कि संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई है और जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय में पेश की जाएगी।

Location :  kanpur

Published :  1 September 2026, 4:14 PM IST