UP Election 2027 : गाजियाबाद की सियासी जंग में किसका पलड़ा भारी? जानिए पिछले चुनावों का हिसाब

गाजियाबाद विधानसभा सीट पर बीजेपी का दबदबा क्यों कायम है? कांग्रेस के पुराने गढ़ से बीजेपी के मजबूत किले तक का सियासी सफर, पिछले तीन चुनावों के नतीजे और जातीय समीकरण जानिए।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 18 October 2026, 4:26 PM IST

Ghaziabad : उत्तर प्रदेश की राजनीति में गाजियाबाद विधानसभा सीट बीजेपी के मजबूत गढ़ के तौर पर पहचानी जाती है। दिल्ली से सटे इस हाई-प्रोफाइल इलाके में कभी कांग्रेस का दबदबा हुआ करता था, लेकिन राम मंदिर आंदोलन के बाद यहां का सियासी मिजाज तेजी से बदला। आज हालात ऐसे हैं कि बीजेपी लगातार चुनावी जीत दर्ज कर विपक्ष के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर रही है। 2022 के विधानसभा चुनाव से लेकर 2024 के उपचुनाव तक पार्टी ने अपना दबदबा कायम रखा है। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर गाजियाबाद सीट पर राजनीतिक दलों की रणनीति, जातीय समीकरण और पुराने चुनावी नतीजे काफी अहम माने जा रहे हैं।

कांग्रेस के गढ़ से बीजेपी के मजबूत किले तक का सफर

गाजियाबाद विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास कई बदलावों का गवाह रहा है। 1980, 1985 और 1989 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने यहां जीत दर्ज की थी। उस दौर में पार्टी की पकड़ मजबूत मानी जाती थी। लेकिन 1991 के बाद राम मंदिर आंदोलन और प्रदेश की बदलती राजनीति के बीच बीजेपी का प्रभाव बढ़ने लगा। 1991 से 2022 के बीच हुए आठ विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने छह बार जीत हासिल की।

हालांकि, इस सीट पर विपक्ष ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। 2002 में कांग्रेस के सुरेंद्र गोयल और 2012 में बहुजन समाज पार्टी के सुरेश बंसल ने जीत हासिल की। 2004 के उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के सुरेंद्र कुमार मुन्नी भी यहां से विधायक बने थे। इसके बाद बीजेपी ने दोबारा अपनी स्थिति मजबूत की।

2024 के उपचुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत

गाजियाबाद सीट पर 2024 का उपचुनाव बीजेपी के लिए अपनी ताकत दिखाने का मौका बना। लोकसभा चुनाव में जीत के बाद अतुल गर्ग के विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देने के कारण यह सीट खाली हुई थी। उपचुनाव में बीजेपी के संजीव शर्मा ने 96,850 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। समाजवादी पार्टी के सिंहराज जाटव 27,174 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि बसपा के पीएन गर्ग को 10,729 वोट मिले। संजीव शर्मा ने 69,676 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इस नतीजे ने गाजियाबाद में बीजेपी की मजबूत चुनावी स्थिति को फिर उजागर किया।

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2022 और 2017 में भी अतुल गर्ग का दबदबा

2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के अतुल गर्ग ने 1,50,205 वोट हासिल किए थे। सपा के विशाल वर्मा को 44,668 वोट मिले, जबकि बसपा के केके शुक्ला 32,691 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस के सुशांत गोयल को महज 11,818 वोट मिले।

इससे पहले 2017 में भी अतुल गर्ग ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने बसपा के सुरेश बंसल को हराया था। गर्ग को 1,24,201 वोट मिले, जबकि बंसल को 53,696 वोट हासिल हुए। कांग्रेस के केके शर्मा 39,648 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। लगातार दो विधानसभा चुनावों और फिर उपचुनाव में बीजेपी की जीत ने इस सीट पर पार्टी की राजनीतिक पकड़ मजबूत की है।

जातीय समीकरण भी तय करेंगे चुनावी रणनीति

गाजियाबाद विधानसभा सीट पर दलित मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक मानी जाती है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यहां करीब 75 हजार दलित मतदाता हैं। इसके अलावा ब्राह्मण, वैश्य और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या भी महत्वपूर्ण है। इन समुदायों में प्रत्येक की आबादी करीब 60 से 70 हजार के बीच बताई जाती है, जबकि पंजाबी मतदाताओं की संख्या लगभग 50 हजार मानी जाती है।

Location :  Ghaziabad

Published :  18 October 2026, 4:26 PM IST