वृंदावन नाव हादसा: 13 की मौत और 3 अब भी लापता, तीसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी

मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। तीन दिन बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3 लोग लापता हैं। हादसे को लेकर लापरवाही के आरोप भी तेज हो गए हैं।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 12 April 2026, 2:51 PM IST

Vrindavan: मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। तीन दिन बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3 लोग लापता हैं। हादसे को लेकर लापरवाही के आरोप भी तेज हो गए हैं।

यमुना में मौत का मंजर, तीन दिन बाद भी जारी तलाश

वृंदावन की यमुना में हुआ नाव हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का जख्म बन गया है। हादसे के तीन दिन बाद भी राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन हर बीतते घंटे के साथ उम्मीदें भी कमजोर पड़ती जा रही हैं। अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3 लोग अब भी लापता हैं।

शुक्रवार को श्रद्धालुओं से भरी मोटर बोट देवरहा बाबा के दर्शन के लिए जा रही थी। अचानक तेज हवा चली और नाव का संतुलन बिगड़ गया। कुछ ही पलों में नाव पांटून पुल से टकराकर पलट गई और लोग यमुना की गहराई में समा गए। चीख-पुकार और अफरा-तफरी के बीच कई जिंदगियां हमेशा के लिए खामोश हो गईं।

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रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटीं बड़ी टीमें, दर्दनाक मंजर

हादसे के बाद सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की करीब 250 सदस्यीय टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन मौत का आंकड़ा बढ़कर 13 पहुंच गया है।

रविवार सुबह दो और शव बरामद किए गए, जिनकी पहचान पंजाब के लुधियाना की डिंकी और जगराओं के ऋषभ शर्मा के रूप में हुई। प्रशासन के मुताबिक, शव नदी में फूलकर ऊपर आ गए थे, जिन्हें रस्सियों के सहारे बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद परिजनों की चीखें और आंसू हर किसी को अंदर तक झकझोर रहे थे।

लापरवाही पर उठे सवाल, सिस्टम पर घिरे जिम्मेदार

इस हादसे ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाव में क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे और सुरक्षा के नाम पर कोई इंतजाम नहीं था। न लाइफ जैकेट, न कोई निगरानी- सब कुछ भगवान भरोसे चल रहा था।

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लोगों का यह भी कहना है कि पांटून पुल पर काम चल रहा था, फिर भी उस इलाके में नावों का संचालन जारी रहा। हादसे के बाद भी मदद में देरी की बात सामने आई है। कई लोगों ने दावा किया कि 108 एंबुलेंस सेवा पर कॉल करने के बावजूद तुरंत मदद नहीं मिल सकी।

प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल सर्च ऑपरेशन का दायरा 20 किलोमीटर तक बढ़ा दिया गया है।

आंखों में इंतजार, दिल में दर्द

यमुना किनारे खड़े परिजनों की नजरें अब भी उसी दिशा में टिकी हैं, जहां से उनके अपने मिलने की उम्मीद है। हर लहर के साथ एक उम्मीद उठती है और टूट जाती है।

Location :  Vrindavan

Published :  12 April 2026, 2:51 PM IST