Vipin-Priyanka Story: पत्नी ने किडनी देकर बचाई पति की जान, अब दोनों ने मैदान में उतरकर जीत लिए नौ पदक

देवरिया के विपिन यादव को पत्नी प्रियंका शर्मा ने किडनी दान कर नया जीवन दिया। अब दोनों ने दिल्ली में नेशनल ऑर्गन ट्रांसप्लांट गेम्स 2026 में तीन स्वर्ण समेत नौ पदक जीतकर मिसाल कायम की।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 November 2026, 11:02 AM IST

Deoria: जिंदगी में मुश्किलें कितनी भी बड़ी क्यों न हों, मजबूत हौसले और अपनों के साथ से उन्हें पार किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी विपिन यादव और उनकी पत्नी प्रियंका शर्मा ने इस बात की मिसाल पेश की है।

प्रियंका ने पति की जान बचाने के लिए अपनी किडनी दान की और अब दोनों ने खेल के मैदान में एक साथ नौ पदक जीतकर नई उपलब्धि हासिल की है। उनकी कहानी त्याग, विश्वास और कभी हार न मानने के जज्बे को दिखाती है।

नेशनल ऑर्गन ट्रांसप्लांट गेम्स में नौ पदक अपने नाम किए

दिल्ली में एक नवंबर को आयोजित नेशनल ऑर्गन ट्रांसप्लांट गेम्स-2026 में विपिन और प्रियंका ने शानदार प्रदर्शन किया। दोनों ने प्रतियोगिता में कुल नौ पदक जीते, जिनमें तीन स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक शामिल हैं।

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इस उपलब्धि के साथ दोनों ने दिखाया कि गंभीर स्वास्थ्य चुनौती से उबरने के बाद भी मेहनत और लगन से खेल के मैदान में पहचान बनाई जा सकती है। विपिन मूल रूप से देवरिया जिले के निवासी हैं और वर्ष 2012 से देहरादून की बंगाली कोठी में रह रहे हैं।

11 मार्च 2025 को हुआ था किडनी ट्रांसप्लांट

विपिन ने बताया कि 11 मार्च 2025 को लखनऊ के एक अस्पताल में उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। इस मुश्किल समय में उनकी पत्नी प्रियंका शर्मा ने अपनी किडनी दान कर उन्हें नया जीवन दिया।

प्रियंका के इस फैसले ने विपिन को एक नई शुरुआत का मौका दिया। स्वास्थ्य संबंधी चुनौती से उबरने के बाद विपिन ने दोबारा सक्रिय जीवन की ओर कदम बढ़ाए और खेलों में हिस्सा लेने का फैसला किया।

पेटांक मुकाबले में हासिल किया रजत पदक

ट्रांसप्लांट के बाद विपिन ने पत्नी के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और शानदार प्रदर्शन किया। दोनों ने पेटांक मुकाबले में दूसरा स्थान हासिल कर रजत पदक अपने नाम किया। आयोजन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव भी मौजूद रहे। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में दोनों की उपलब्धि ने अंग प्रत्यारोपण के बाद जीवन में नई संभावनाओं का संदेश दिया।

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अंगदान से सपनों को भी मिल सकती है नई उड़ान

विपिन और प्रियंका की कहानी केवल नौ पदकों की उपलब्धि तक सीमित नहीं है। यह एक-दूसरे के प्रति भरोसे, त्याग, अनुशासन और मुश्किल हालात में साथ खड़े रहने की मिसाल भी है। विपिन के मुताबिक, अंगदान किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने के साथ उसके सपनों को भी आगे बढ़ने का अवसर दे सकता है। दोनों की यह सफलता उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो स्वास्थ्य या जीवन की दूसरी चुनौतियों से जूझ रहे हैं।

Location :  Deoria

Published :  3 November 2026, 11:02 AM IST