वाराणसी के यूपी कॉलेज में दिनदहाड़े छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मंजीत चौहान को गिरफ्तार कर लिया है और कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

मुख्य आरोपी मंजीत चौहान को गिरफ्तार
Varanasi: कॉलेज में दिनदहाड़े छात्र की हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मंजीत चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। हालांकि, इस वारदात में शामिल उसका साथी अभी फरार है। जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
जानकारी के अनुसार, यूपी कॉलेज के कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय की गैलरी में बीएससी फोर्थ सेमेस्टर के 23 साल छात्र सूर्य प्रताप सिंह की शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी ने क्लासरूम के सामने ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस दौरान सूर्य प्रताप सिंह के सीने और सिर में गोलियां लगीं। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के दौरान कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि आरोपी मंजीत चौहान ने करीब सात राउंड फायरिंग की और इसके बाद सामाजिक विज्ञान संकाय के बरामदे में पिस्टल फेंककर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मुख्य आरोपी को घटना के छह घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, वारदात के पीछे आपसी रंजिश सामने आई है। फरार आरोपी अनुज सिंह को पकड़ने के लिए छह टीमें लगाई गई हैं। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से तीन कारतूस बरामद किए हैं, जबकि पोस्टमार्टम में मृतक के शरीर से चार गोलियां निकली हैं।
मृतक के दोस्त उत्कर्ष की तहरीर पर शिवपुर थाने में मंजीत चौहान और अनुज सिंह के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
घटना के बाद कॉलेज परिसर में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज छात्रों ने प्राचार्य डॉ. डीके सिंह के आवास पर हमला कर दिया और उनके निजी वाहन समेत फर्नीचर में तोड़फोड़ की। इस दौरान केमिस्ट्री विभाग के लेक्चरर डॉ. अभिषेक सिंह सहित दो शिक्षक घायल हो गए।
छात्रों ने कॉलेज गेट बंद कर गिलट बाजार-यूपी कॉलेज मार्ग पर धरना भी दिया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। एहतियातन तीन जोन की पुलिस और पीएसी को मौके पर तैनात किया गया।