
रफीक से दोबारा राजकुमार बनने की पूरी कहानी (Img: X)
Jhansi: उत्तर प्रदेश के झांसी के रहने वाले राजकुमार की जिंदगी में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। राजकुमार काम की तलाश में पश्चिम बंगाल गए थे, जहां उन्होंने कई साल बिताए इस्लाम अपनाया, एक नई पहचान ली और परिवार बसाया। अब वह अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ अपने पैतृक गांव लौट आए हैं और दोनों ने हिंदू धर्म अपना लिया है।
राजकुमार लगभग 20 साल पहले नौकरी की तलाश में पश्चिम बंगाल के मालदा गए थे। वहां उन्होंने मजदूर के तौर पर काम करना शुरू किया। राजकुमार के अनुसार, इसी दौरान उन्होंने इस्लाम धर्म अपना लिया और अपना नाम बदलकर 'रफीक' रख लिया। धर्म परिवर्तन के बाद उन्होंने मालदा की रहने वाली अफसरी खातून से शादी की। इसके बाद उनके सरकारी दस्तावेजों में 'रफीक' नाम दर्ज हो गया।
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पश्चिम बंगाल में कई साल रहने के बाद राजकुमार अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ अपने पैतृक गांव राजापुर लौट आए जो झांसी के रक्षा इलाके में स्थित है। गांव लौटने पर परिवार को सामाजिक स्वीकार्यता से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। राजकुमार ने हिंदू धर्म में लौटने की इच्छा जताई और जिला प्रशासन से संपर्क किया।
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राजकुमार सिद्धेश्वर मंदिर में आयोजित एक धार्मिक समारोह के दौरान हिंदू धर्म में लौटे। अनुष्ठान पूरे होने के बाद उन्होंने फिर से अपना असली नाम 'राजकुमार' इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। इस बीच उनकी पत्नी अफसरी खातून ने भी हिंदू धर्म अपनाने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर अनीता रख लिया। परिवार के अनुसार, अनीता ने यह कदम अपने पति के साथ रहने के फैसले के तहत उठाया। लगभग 20 साल बाद राजकुमार ने उसी पहचान के साथ अपनी जिंदगी फिर से शुरू की है जो उन्हें बचपन में मिली थी।
Location : Jhansi
Published : 27 September 2026, 3:57 PM IST