गोरखपुर में ड्रेन सफाई के नाम पर बड़ा खेल, पोकलेन मशीन से सिर्फ ऊपरी गाद हटाई, शिकायत सीधे पहुंची CM दरबार

गोरखपुर गोला तहसील के पोखरीगांव निवासी विकास चंद ने नर्रे ताल ड्रेन की सफाई और खुदाई कार्य में भारी धांधली का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की है। उन्होंने तकनीकी मानकों की अनदेखी और सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच और भुगतान पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 17 June 2026, 4:50 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर के गोला तहसील इलाके के पोखरीगांव के रहने वाले विकास चंद ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है। उन्होंने नारे ताल नाले की सफाई, खुदाई और पुनर्स्थापना के काम में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है और मामले की उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत में सरकारी फंड के दुरुपयोग को लेकर भी चिंता जताई गई है।

बरसात में जलभराव का खतरा

विकास चन्द के अनुसार लगभग 7.300 किलोमीटर लंबी नर्रे ताल ड्रेन क्षेत्र के हजारों किसानों के खेतों से जल निकासी का प्रमुख माध्यम है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में चल रहे सफाई और खुदाई कार्य में निर्धारित तकनीकी मानकों की अनदेखी की जा रही है। शिकायत में कहा गया है कि ड्रेन के हेड और टेल हिस्सों का निर्माण स्वीकृत मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा, जिससे भविष्य में जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।

एस्टीमेट छिपाने का भी आरोप

शिकायतकर्ता का कहना है कि पूरी ड्रेन में गाद, मिट्टी और अन्य अवरोध बड़ी मात्रा में जमा हैं। विशेष रूप से पोखरीगांव के पहले करीब डेढ़ किलोमीटर का हिस्सा लगभग पूरी तरह अवरुद्ध है, जिसके कारण बरसात के मौसम में आसपास के खेतों और गांवों में जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। उनका आरोप है कि 14 जून को पोकलेन मशीन से कराए गए कार्य में निर्धारित गहराई तक खुदाई नहीं की गई और केवल ऊपरी सतह की मिट्टी हटाकर औपचारिकता पूरी कर दी गई।

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ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि ड्रेन से निकाली गई मिट्टी को सुरक्षित स्थान पर निस्तारित करने के बजाय किनारों पर ही छोड़ दिया गया है। इससे बारिश के दौरान मिट्टी दोबारा ड्रेन में बहकर पहुंच सकती है, जिससे सफाई कार्य का उद्देश्य ही प्रभावित हो जाएगा। इसके अलावा कार्य से संबंधित स्वीकृत एस्टीमेट, ड्राइंग और अन्य तकनीकी दस्तावेजों की जानकारी मांगने पर भी संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।

भुगतान पर तुरंत रोक लगाने की मांग

विकास चन्द ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए, कार्य का भौतिक सत्यापन कराया जाए तथा जांच पूरी होने तक संबंधित भुगतान पर रोक लगाई जाए। साथ ही यदि जांच में अनियमितताएं सिद्ध होती हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यह मामला केवल एक ड्रेन की सफाई का नहीं, बल्कि किसानों के हितों, जल निकासी व्यवस्था की प्रभावशीलता और सरकारी धन के पारदर्शी उपयोग से जुड़ा हुआ है।

Location :  Gorakhpur

Published :  17 June 2026, 4:50 PM IST