विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर DM ने परखी EVM-VVPAT की व्यवस्था, सुरक्षित रखरखाव के दिए निर्देश

गोरखपुर के जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक मीणा ने शनिवार को असुरन स्थित एफएलसी सेंटर का निरीक्षण कर विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों का जायजा लिया।

Post Published By: Prashant Sharma
Updated : 24 October 2026, 3:17 PM IST

Gorakhpur: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर तैयारियां तेज होने लगी हैं। इसी कड़ी में गोरखपुर के जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक मीणा ने शनिवार को असुरन स्थित मंडलीय प्रशिक्षण लेखपाल केंद्र परिसर में बने एफएलसी (फर्स्ट लेवल चेकिंग) सेंटर का निरीक्षण किया। यहां रखी 2,420 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) और 2,420 वीवीपैट (VVPAT) मशीनों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्वाचन उपकरणों की देखरेख में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

2,420 EVM और इतनी ही VVPAT मशीनों की सुरक्षा पर जोर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केंद्र में रखी ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से मशीनों के सुरक्षित भंडारण, रखरखाव और निगरानी की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी मशीनों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित रखा जाए और उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाए।

यह भी पढ़ें - UP Voter List 2027: यूपी विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट अपडेट, इस तारीख तक 18 साल के युवा बन सकेंगे मतदाता

डीएम ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुचारु तरीके से संपन्न कराने में इन उपकरणों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए इनकी सुरक्षा और तकनीकी जांच से जुड़ी व्यवस्थाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

साफ-सफाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

जिलाधिकारी ने एफएलसी सेंटर में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिया कि मशीनों को व्यवस्थित ढंग से रखा जाए और उनके संरक्षण के लिए जरूरी सावधानियों का पालन किया जाए।

यह भी पढ़ें - Divya Mittal ने बनाई अपनी राजनीतिक ‘जननीति भारत पार्टी’, मिर्जापुर सदर से लड़ेंगी विधानसभा चुनाव

उन्होंने यह भी कहा कि निर्वाचन उपकरणों की नियमित निगरानी होनी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर मशीनों के इस्तेमाल में किसी तरह की परेशानी न आए। संबंधित अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निर्वहन करने और व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

क्या होती है FLC प्रक्रिया?

एफएलसी यानी फर्स्ट लेवल चेकिंग निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस प्रक्रिया के तहत ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की निर्धारित मानकों के अनुसार प्रारंभिक जांच की जाती है। इसका उद्देश्य चुनाव में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की स्थिति और कार्यक्षमता से जुड़ी जरूरी जांच सुनिश्चित करना है।

यह भी पढ़ें - UP Assembly Election 2027: पूर्व IAS दिव्या मित्तल की राजनीति में धमाकेदार एंट्री, विधानसभा चुनाव से पहले नई पार्टी का ऐलान

आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए निर्वाचन विभाग मशीनों की उपलब्धता, सुरक्षित भंडारण और तकनीकी जांच से संबंधित व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने पर जोर दे रहा है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश, तहसीलदार सदर सत्य प्रकाश गुप्ता सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

Location :  Gorakhpur

Published :  24 October 2026, 3:17 PM IST