18 हजार वेतन और सरकारी कर्मचारी का दर्जा, आश्वासन के बाद एटा में 21 दिन बाद थमा आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

एटा कलेक्ट्रेट परिसर में सरकारी कर्मचारी का दर्जा और 18,000 मासिक वेतन की मांग को लेकर चल रहा आशा कर्मियों का धरना समाप्त हो गया है। मरहारा विधायक वीरेंद्र लोधी ने आशा वर्कर्स को मिठाई खिलाकर धरना खत्म कराया। संगठन की प्रदेश अध्यक्ष पुष्पा देवी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विधायक को ज्ञापन सौंपकर संसद में अपनी बात उठाने की मांग की है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 24 October 2026, 1:35 PM IST

Etah: कलेक्ट्रेट परिसर में आशा (मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता) कर्मियों का धरना समाप्त हो गया है। वे सरकारी कर्मचारी का दर्जा और कम से कम 18,000 रुपये मासिक वेतन की मांग कर रही थीं। मरहारा के विधायक वीरेंद्र लोधी ने आशा कर्मियों को मिठाई खिलाकर इस धरने को समाप्त कराया। इस दौरान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष पुष्पा देवी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विधायक को अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा और उनसे संसद में अपनी बात रखने का आग्रह किया।

सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग

सामाजिक संगठन 'आपकी आवाज' की प्रदेश अध्यक्ष पुष्पा देवी के नेतृत्व में, आशा कर्मियों और 'आशा संगिनियों' (पर्यवेक्षकों) ने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया था। लंबे समय से, ये कार्यकर्ता सरकारी कर्मचारी का दर्जा और बेहतर वेतन की मांग कर रही हैं।

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आशा कर्मियों का कहना है कि वे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आम जनता तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होती हैं, जैसे गर्भवती महिलाओं की देखभाल करना, बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी करना और सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं को लागू करना। इसके बावजूद, उन्हें उनकी कड़ी मेहनत के हिसाब से उचित वेतन या लाभ नहीं मिलते हैं।

नियुक्ति की तारीख से 18,000 रुपये मासिक वेतन की मांग

कार्यकर्ताओं ने मांग की कि जब तक उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक उन्हें उनकी नियुक्ति की तारीख से कम से कम 18,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाए। इसके अलावा, उन्होंने मांग की कि उनका वेतन 15वें भारतीय श्रम सम्मेलन (इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस) के तय मानकों के आधार पर तय किया जाए। पूरे धरने के दौरान, कार्यकर्ताओं ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से अपनी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया था। विधायक को ज्ञापन सौंपकर, उन्होंने अब यह अनुरोध किया है कि उनकी समस्याओं को संसद में उठाया जाए।

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विधायक ने मिठाई खिलाकर धरना समाप्त कराया

धरने को समाप्त कराने के लिए, मरहारा के विधायक वीरेंद्र लोधी ने आशा कर्मियों को मिठाई खिलाई। प्रदेश अध्यक्ष पुष्पा देवी के नेतृत्व में, कार्यकर्ताओं ने उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। विरोध प्रदर्शन में राजवती, गुड्डो देवी, शीला देवी, आशा देवी, प्रेमलता, सुनीता, उषा देवी, सुहागा, रेनू, सरोज, वीणा और ममता सहित कई आशा वर्कर मौजूद थीं। अब जब विरोध प्रदर्शन खत्म हो गया है, तो सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि इन कार्यकर्ताओं की मांगों को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं। हालांकि, विरोध प्रदर्शन के खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि उनकी मांगें मान ली गई हैं।

Location :  Etah

Published :  24 October 2026, 1:33 PM IST