राहुल गांधी को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत, सिखों पर कथित बयान मामले में FIR की याचिका खारिज

लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। अदालत ने सिखों के बारे में अमेरिका में दी गई कथित विवादास्पद टिप्पणियों को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 5 November 2026, 2:12 PM IST

Allahabad: लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें अमेरिका यात्रा के दौरान सिख समुदाय को लेकर दिए गए बयानों के लिए उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई थी। यह फैसला न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की एकल पीठ ने सुनाया।

यह याचिका नागेश्वर मिश्रा और अन्य लोगों ने दायर की थी, जो राहुल गांधी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करना चाहते थे। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि अमेरिका यात्रा के दौरान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सिख समुदाय के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और इसी आधार पर उन्होंने उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की।

वाराणसी की अदालत से भी खारिज हो चुकी थी अर्जी

इससे पहले वाराणसी की एक ट्रायल कोर्ट ने भी इसी मामले में FIR दर्ज करने की मांग वाली एक अर्जी खारिज कर दी थी। याचिकाकर्ताओं ने निचली अदालत के इस आदेश को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, अब उसने याचिका को खारिज कर दिया है।

Rahul Gandhi: काफिले की गाड़ियों में टक्कर के बाद बड़ा एक्शन, यूपी DGP ने हादसे की जांच के लिए की SIT गठित

सितंबर 2024 के अमेरिका दौरे से जुड़ा है मामला

याचिकाकर्ताओं के वकील सत्येंद्र कुमार त्रिपाठी के अनुसार, सितंबर 2024 में अमेरिका की यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने सिख समुदाय की धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर कुछ टिप्पणियां की थीं। आरोप है कि उन्होंने भारत में सिखों के 'कड़ा' पहनने, पगड़ी पहनने और गुरुद्वारे जाने की स्वतंत्रता को लेकर चिंता जताई थी। इसी बयान को आधार बनाकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी।

याचिकाकर्ताओं ने BNS की धारा 152 का दिया था हवाला

याचिकाकर्ता नागेश्वर मिश्रा, एक पूर्व ग्राम प्रधान और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनके वकील के मुताबिक, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(4) के तहत अर्जी दाखिल करने के बावजूद याचिकाकर्ताओं को निचली अदालत से कोई राहत नहीं मिली थी। इसके बाद मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में एक पुनरीक्षण याचिका (रिवीजन पिटीशन) दायर की गई। याचिकाकर्ताओं ने इसमें BNSS की धारा 152 का हवाला दिया था। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि कथित बयान की गंभीरता को देखते हुए, इस मामले की जांच होनी चाहिए और कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जाना चाहिए। वकील ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 का भी हवाला दिया।

Rahul Gandhi Rally: 1 नवंबर की रैली पर BJP ने राहुल गांधी को क्यों घेरा? 1984 के दंगों की बरसी का उठाया मुद्दा

याचिकाकर्ताओं के वकील ने आगे दावा किया कि कथित बयान दिए जाने के अगले दिन खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू ने राहुल गांधी की टिप्पणियों का समर्थन किया। हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें पेश कीं, जिसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। याचिका खारिज होने के साथ ही राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली अर्जी अब समाप्त हो गई है।

Location :  Allahabad

Published :  5 November 2026, 2:12 PM IST