
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज (Img: Dynamite News)
Prayagraj: इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने एक बार फिर अपनी आवाज उठाई है और छात्र संघ (स्टूडेंट्स यूनियन) को बहाल करने की मांग की है। गुरुवार को सैकड़ों छात्रों ने छात्र संघ भवन से डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) के कार्यालय तक मार्च निकाला। वहां उन्होंने DSW को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें छात्र संघ की बहाली के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की गई। छात्र नेता आशुतोष मौर्य ने चेतावनी दी कि अगर 15 नवंबर तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो छात्र बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
इस मार्च में विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े छात्रों ने हिस्सा लिया जिन्होंने छात्र संघ को बहाल करने की मांग की। DSW कार्यालय पहुंचने पर छात्रों ने एक ज्ञापन सौंपा और विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्र संघ को फिर से बहाल करने के संबंध में जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया। छात्रों का तर्क है कि छात्र संघ, छात्रों की चिंताओं को प्रशासन तक पहुंचाने और उनके अधिकारों की रक्षा करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उनका मानना है कि छात्र संघ की बहाली से छात्रों को अपनी राय रखने के लिए एक मंच मिलेगा और विश्वविद्यालय की निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में उनकी भागीदारी सुनिश्चित होगी।
छात्र नेता आशुतोष मौर्य ने कहा कि छात्र संघ एक आवश्यक लोकतांत्रिक मंच है, जिसके माध्यम से छात्र अपनी चिंताओं को उठा सकते हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अपने विचार रख सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि वे छात्रों के हितों को प्राथमिकता दें और छात्र संघ की बहाली पर जल्द से जल्द निर्णय लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखें।
आशुतोष मौर्य ने चेतावनी दी कि अगर 15 नवंबर तक छात्र संघ को बहाल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो छात्र बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर देंगे। मार्च में शामिल अन्य छात्रों ने भी कहा कि अगर प्रशासन तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं करता है, तो इस आंदोलन को और तेज कर दिया जाएगा।
इस मार्च में समाजवादी छात्र सभा, NSUI, AISA और दिशा संगठन से जुड़े छात्रों ने हिस्सा लिया। वहां कई छात्र मौजूद थे, जिनमें छात्र नेता आशुतोष मौर्य, आकर्ष जय सिंह पटेल, सोनाली, ऋषि, सौरभ सिंह गहरवार, रामनयन, प्रियांशु, गौरव गोंड, अंश, दीपांशु, सचिन, निधि, चंद्रप्रकाश, प्रभाकर, सतेंद्र, आकाश रावत और मानवेंद्र शामिल थे।
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छात्रों ने मांग की कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र संघ को बहाल करने के बारे में जल्द ही कोई निर्णय ले, ताकि छात्र समुदाय के लिए लोकतांत्रिक भागीदारी का रास्ता खुल सके। इसके साथ ही छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर 15 नवंबर तक कोई कदम नहीं उठाया गया, तो वे अपना आंदोलन और तेज कर देंगे।
Location : Prayagraj
Published : 29 October 2026, 4:34 PM IST