रायबरेली की बेटी अनन्या त्रिवेदी ने UPPSC 2024 में दूसरी रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया है। एक साधारण परिवार से आने वाली अनन्या ने बिना किसी महंगी कोचिंग के पहले ही प्रयास में यह मुकाम कैसे पाया? जानिए उनकी 6 घंटे की पढ़ाई का फॉर्मूला और उनके संघर्ष की पूरी कहानी।

अनन्या त्रिवेदी ने UPPSC में प्रदेश भर में दूसरा स्थान किया हासिल (Source: Dynamite News)
Raebareli: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने पीसीएस-2024 के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस बार रायबरेली की होनहार बेटी अनन्या त्रिवेदी ने प्रदेश भर में दूसरा स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। एक साधारण परिवार से आने वाली अनन्या की यह जीत उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों में बड़े सपने देखते हैं।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, रायबरेली के आनंद नगर की रहने वाली अनन्या के परिवार में खुशी का माहौल है। उनके पिता, सुशील कुमार त्रिवेदी, एक जनरल स्टोर चलाते हैं और माता, रेखा रानी, बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षिका हैं। अनन्या अपनी इस शानदार सफलता का पूरा श्रेय अपनी मां के संघर्षों और परिवार के सहयोग को देती हैं। साथ ही, उन्होंने कानपुर देहात में तैनात अपने मामा एडिशनल एसपी राजेश कुमार पांडेय के मार्गदर्शन को भी अपनी तैयारी के लिए बेहद अहम बताया।
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अनन्या शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रही हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा रायबरेली से पूरी की और साल 2019 में मशहूर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने इग्नू से मास्टर डिग्री ली और नेट की परीक्षा भी पास की। खास बात यह है कि यह उनका पहला मेंस और पहला इंटरव्यू था, जिसमें उन्होंने सीधे टॉपर्स की लिस्ट में जगह बना ली।
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अपनी तैयारी के बारे में बात करते हुए अनन्या ने बताया कि उन्होंने कभी घंटों के हिसाब से नहीं, बल्कि लक्ष्य के हिसाब से पढ़ाई की। वह रोजाना नियम से करीब 6 घंटे पढ़ती थीं। उन्होंने बताया कि सफलता के लिए किसी बड़े शहर या महंगी कोचिंग की जरूरत नहीं है, बल्कि 'रेगुलर' रहना और सही प्लानिंग करना सबसे ज्यादा जरूरी है।
पीसीएस अधिकारी बनने के बाद भी अनन्या रुकना नहीं चाहती हैं। वह फिलहाल संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रही हैं। उनका सपना है कि वह भारतीय प्रशासनिक सेवा का हिस्सा बनकर देश स्तर पर अपनी पहचान बनाएं और समाज के लिए बेहतर काम कर सकें।