UP Assembly Election: यूपी चुनाव से पहले योगी सरकार आधी आबादी पर खेल सकती बड़ा दांव, महिलाओं को मिलेंगी ये बड़ी सौगातें

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता वाली योजना की तैयारी की चर्चा है। प्रस्तावित योजना में पहली किस्त 20 हजार रुपये की हो सकती है। बाकी राशि चरणों में दी जा सकती है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना बताया जा रहा है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 13 August 2026, 9:28 AM IST

Lucknow: यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए 50 हजार तक की आर्थिक सहायता वाली नई योजना की तैयारी चल रही है।  प्रस्ताव के मुताबिक चुनाव से पहले 20 हजार की पहली किस्त और भाजपा सरकार बनने पर 10-10 हजार की तीन किस्तें दी जा सकती हैं। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक मदद, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है।  पात्रता में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को प्राथमिकता मिल सकती है।

तीन चरणों में मिल सकती है 50 हजार की मदद

प्रस्तावित योजना के मुताबिक महिलाओं को तीन चरणों में आर्थिक सहायता देने की योजना है। पहली किस्त में 20 हजार रुपये दिए जा सकते हैं। इसके बाद बाकी 30 हजार रुपये 10-10 हजार रुपये की किस्तों में या अन्य निर्धारित तरीके से दिए जाने की संभावना है।

पहली किस्त का इस्तेमाल स्वरोजगार शुरू करने के लिए किया जा सकेगा। इसके आधार पर आगे की सहायता का निर्णय लिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि योजना की अंतिम राशि, किस्तों और शर्तों पर आधिकारिक निर्णय का इंतजार है।

चुनाव से पहले पहली किस्त की तैयारी?

सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने से पहले पात्र महिलाओं के खातों में पहली किस्त भेजने का लक्ष्य रखा जा सकता है। उत्तर प्रदेश में अगले कुछ महीनों में चुनावी गतिविधियां तेज होने वाली हैं। ऐसे में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने वाली योजना को सरकार के लिए अहम कदम माना जा रहा है।

योजना का लाभ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की पात्र महिलाओं को देने की तैयारी की जा रही है। सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजे जाने की व्यवस्था यानी Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए भुगतान किए जाने की संभावना है।

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बिहार समेत दूसरे राज्यों से लिया जा रहा मॉडल?

महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने वाली योजनाओं का इस्तेमाल कई राज्यों में चुनाव से पहले किया गया है। बिहार के अलावा मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता वाली योजनाएं चर्चा में रही हैं। इसी मॉडल को उत्तर प्रदेश में भी लागू करने की तैयारी को चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि महिला मतदाताओं का बढ़ता प्रभाव चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभा सकता है। परिवार की महिला को आर्थिक लाभ मिलने से उसका असर पूरे परिवार के फैसले पर पड़ने की संभावना रहती है।

दलित-पिछड़ी महिलाओं पर भी फोकस?

प्रस्तावित योजना में पात्रता तय करते समय आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। विभागीय स्तर पर पात्रता, आवेदन और भुगतान प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार किए जाने की बात कही गई है।

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हालांकि अभी योजना की अंतिम पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए महिलाओं को किसी भी अनधिकृत वेबसाइट या व्यक्ति के जरिए आवेदन अथवा बैंक संबंधी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।

महिला कल्याण के लिए बजट में भी प्रावधान

हाल में विधानसभा से पारित अनुपूरक बजट में महिला कल्याण से जुड़ी कई योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है। निराश्रित महिला पेंशन योजना के लिए 930 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लिए 110 करोड़ रुपये और रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के लिए 54.30 करोड़ रुपये की व्यवस्था बताई गई है।

इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा से जुड़ी व्यवस्था के लिए भी 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

Location :  Lucknow

Published :  13 August 2026, 8:51 AM IST