
उत्तर प्रदेश बारिश का अलर्ट (सोर्स- AI)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में मॉनसून अब अपने पूरे शबाब पर आ चुका है। आसमान में उमड़ते-घुमड़ते बादलों ने सूबे के एक बड़े हिस्से को अपने आगोश में ले लिया है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा अनुमान के मुताबिक, आज यानी रविवार (05 जुलाई) को यूपी के 31 जिलों में झमाझम बारिश होने वाली है। इस दौरान सिर्फ पानी ही नहीं बरसेगा, बल्कि 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं और आकाशीय बिजली भी लोगों को डरा सकती हैं।
प्रशासन और मौसम वैज्ञानिकों ने पूर्वांचल और अवध के इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा है। गरज-चमक के बीच वज्रपात (बिजली गिरने) की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी गई है। साथ ही, बिना किसी जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलने की अपील की गई है।
मौसम विभाग ने जिन 31 जिलों के लिए हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं-
लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, कानपुर नगर, कानपुर देहात, बाराबंकी, सीतापुर, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, मऊ, बलिया और आजमगढ़।
UP Weather Update: यूपी में बदलेगा मौसम का मिजाज, इस तारीख से मानसून देगा राहत; झमाझम बरसेंगे बदरा
अगर आप सोच रहे हैं कि बारिश का यह दौर लगातार जारी रहेगा, तो मौसम का अगला मिजाज आपको चौंका सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 30 जून को धमाकेदार एंट्री करने के बाद अब मॉनसूनी सिस्टम थोड़ा सुस्त पड़ने वाला है। सोमवार से अगले तीन दिनों तक प्रादेशिक मॉनसूनी सक्रियता में कमी आने के आसार हैं। इस ब्रेक की वजह से बादलों की आवाजाही तो रहेगी, लेकिन उमस और तापमान में आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
इससे पहले शनिवार को प्रदेशवासियों को गर्मी से अच्छी खासी राहत मिली थी, जहां ज्यादातर जिलों में अधिकतम तापमान में गिरावट देखी गई। शनिवार को राज्य का सबसे अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि राजधानी लखनऊ में पारा 37.6 डिग्री सेल्सियस पर सिमटा रहा।
भले ही मॉनसून रफ्तार पकड़ रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश के सभी जिलों पर इंद्रदेव एक समान मेहरबान नहीं हुए हैं। बारिश का यह असंतुलन कृषि और जलस्तर के लिहाज से चिंता का सबब बना हुआ है। एक तरफ जहां वाराणसी और मऊ में अब तक कोटे की 74 फीसदी बारिश हो चुकी है, वहीं राजधानी लखनऊ भी 60 फीसदी बारिश के साथ बेहतर स्थिति में है। इसके अलावा गोरखपुर में 51 प्रतिशत और महाराजगंज में 29 प्रतिशत बारिश दर्ज की जा चुकी है।
इसके उलट, प्रयागराज, प्रतापगढ़, रायबरेली और सुल्तानपुर जैसे जिलों की स्थिति फिलहाल काफी चिंताजनक है, जहाँ अब तक सामान्य से बहुत कम पानी बरसा है। कमोबेश यही हाल पश्चिमी उत्तर प्रदेश का भी है, जहाँ के किसान अब भी अच्छी और जोरदार बारिश की आस लगाए बैठे हैं।
Location : Lucknow
Published : 5 July 2026, 7:20 AM IST