UP Weather: बदलते मौसम में नवजात शिशुओं की सेहत पर खतरा, बरतें विशेष सावधानी

मार्च के महीने में जहां लोगों को गर्मी का अहसास होने लगता है तो वही इस बार साल 2026 में मार्च का महीना अलग ही रंग दिखा रहा है। मार्च के इस महीने में जहां गर्मी के मौसम की शुरूआत होती है वो वही सर्दी का मौसम बना हुआ है। ऐसे में अचानक बदलते इस मौसम में बीमारियों को खतरा भी बढ़ सकता है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 20 March 2026, 7:07 PM IST

Maharajganj: गर्मी के मौसम के इस महीने में सर्दी के अहसास ने लोगों को कन्फ्यूज कर रखा है। ऐसे में अचानक इस बदलते मौसम के बदलाव के कारण नवजात शिशुओं की सेहत खराब हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए धानी बाजार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. प्रकाश चंद चौधरी ने अभिभावकों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत बताई।

स्वास्थ्य विभाग की अपील

धानी बाजार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. प्रकाश चंद चौधरी ने बदलते मौसम को देखते हुए क्षेत्र के लोगों को जागरूक किया। उन्होंने ग्रामवासियों से अपील करते हुए कहा कि ठंड के मौसम में नवजात शिशुओं को निमोनिया, बुखार और हाइपोथर्मिया जैसी बीमारियों का खतरा अधिक रहता है। यदि बच्चों में किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए नजदीकी सरकारी अस्पताल में संपर्क करें।

एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध

डॉ. चौधरी ने बताया कि शिशुओं और उनके अभिभावकों के लिए 102 एंबुलेंस सेवा उपलब्ध है, जिससे वे आसानी से अस्पताल जा सकते हैं और इलाज के बाद घर वापस भी लौट सकते हैं। इस सुविधा का लाभ उठाकर समय पर उपचार कराना बेहद जरूरी है।

स्तनपान का महत्व

नवजात शिशु की मां के लिए यह जरूरी है कि बच्चे के जन्म से लेकर छह माह तक केवल स्तनपान ही कराएं। डॉक्टरों के अनुसार मां का दूध नवजात के लिए अमृत के समान होता है, जो उसे बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है और शरीर को गर्म रखने में भी मदद करता है।

सर्दियों में विशेष देखभाल जरूरी

सर्दियों के मौसम में जन्म लेने वाले बच्चों के प्रति अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें गर्म कपड़ों में रखें और ठंडी हवा से बचाएं। साथ ही घर के वातावरण को भी संतुलित और गर्म बनाए रखना जरूरी है।

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संस्थागत प्रसव है सुरक्षित विकल्प

डॉक्टरों ने जोर देकर कहा कि सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव कराना मां और नवजात दोनों के लिए सुरक्षित होता है। संस्थागत प्रसव के बाद बच्चों को तुरंत “जीरो डोज” टीकाकरण दिया जाता है, जो उनके स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

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स्वास्थ्य के लिए अपनाएं ये उपाय

ठंड के मौसम में अधिक से अधिक गर्म पानी का सेवन करें और बच्चों को भी सुरक्षित वातावरण में रखें। समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराते रहें और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें। बदलते मौसम में थोड़ी सी सावधानी नवजात शिशु को गंभीर बीमारियों से बचा सकती है।

Location : 
  • Maharajganj

Published : 
  • 20 March 2026, 7:07 PM IST