उत्तर प्रदेश में जनवरी महीने के दौरान ठंड और शीतलहर का असर और बढ़ सकता है। नए साल के पहले दिन बाराबंकी प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा। मौसम विभाग ने कई जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना के चलते लोगों को अभी और ठंड का सामना करना पड़ सकता है।

मौसम अपडेट (Img: Google)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में नए साल की शुरुआत भले ही खिली धूप के साथ हुई हो, लेकिन मौसम विभाग के अनुमान आने वाले दिनों में कड़ाके की ठंड का संकेत दे रहे हैं। जनवरी महीने में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बने रहने की संभावना है, जिससे शीतलहर और ठंड के दिनों की संख्या बढ़ सकती है। खासतौर पर पूर्वी और दक्षिणी उत्तर प्रदेश में ठंड का प्रभाव ज्यादा देखने को मिल सकता है।
प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। मौसम विभाग के अनुसार बांदा, चित्रकूट, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर और बागपत में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, आगरा और अलीगढ़ समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलों में भी कोहरे की स्थिति बन सकती है।
नए साल के पहले दिन प्रदेश में सबसे कम तापमान बाराबंकी में दर्ज किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस रहा। गोरखपुर में 4.4 डिग्री और हरदोई में 4.5 डिग्री न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी लखनऊ में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री और अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जिससे सुबह-शाम ठंड का असर बना रहा।
Weather Update: नए साल के पहले हफ्ते में कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और पहाड़ों पर बर्फबारी का कहर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दिसंबर महीने में प्रशांत महासागर में सक्रिय ला-नीना परिस्थितियां, कमजोर पश्चिमी विक्षोभ और वायुमंडलीय स्थिरता के कारण प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहा। इसका असर यह हुआ कि दिसंबर में कोहरे के दिन बढ़कर लगभग 22 तक पहुंच गए। साथ ही ठंडे दिनों यानी ‘कोल्ड डे’ की संख्या भी बढ़कर 12 हो गई।
मौसम विभाग का आकलन है कि जनवरी में औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रह सकता है। खासतौर पर पूर्वी और दक्षिणी यूपी में शीतलहर के दिन जलवायु औसत से 1 से 3 दिन अधिक हो सकते हैं। हालांकि, दिन का तापमान सामान्य या थोड़ा अधिक रहने की संभावना है, जिससे दोपहर में धूप राहत दे सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी-फरवरी के उत्तरार्द्ध में ला-नीना की स्थिति कमजोर होकर तटस्थ हो सकती है। इसके साथ ही हिंद महासागर में भी तटस्थ परिस्थितियां रहने का अनुमान है, जिसका संयुक्त प्रभाव प्रदेश के मौसम पर पड़ेगा। कुल मिलाकर जनवरी में ठंड से अभी पूरी राहत मिलने की उम्मीद कम है।