
प्रतीकात्मक तस्वीर (Img: Google)
Lucknow: उत्तर प्रदेश सरकार ने 30 अप्रैल को विधानमंडल का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। यह सत्र पूरी तरह महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्रित रहेगा। सरकार इस सत्र में महिला आरक्षण के समर्थन में प्रस्ताव पारित कराने की तैयारी कर रही है, जिससे राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, महिला आरक्षण संबंधी प्रस्ताव को कैबिनेट ने बाई सर्कुलेशन के जरिए मंजूरी दे दी है। अब इस प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी के बाद इसे विशेष सत्र में पेश किया जाएगा।
महिला आरक्षण बिल पर बवाल, पटना में NDA महिला मोर्चा का जोरदार प्रदर्शन
सरकार इस सत्र में सिर्फ समर्थन प्रस्ताव ही नहीं, बल्कि विपक्ष के रवैये पर निंदा प्रस्ताव लाने की भी तैयारी में है। माना जा रहा है कि सत्ता पक्ष इस मुद्दे पर विपक्ष को राजनीतिक रूप से घेरने की पूरी रणनीति बना चुका है।
देशभर में महिला आरक्षण को लेकर लगातार राजनीतिक बहस जारी है। इसी बीच योगी सरकार का यह कदम इसे और अधिक गर्माने वाला साबित हो सकता है। राजनीतिक गलियारों में इस विशेष सत्र को बेहद अहम माना जा रहा है।
महिला आरक्षण पर सियासत तेज, अखिलेश बोले- जनगणना बिना आरक्षण कैसे?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा था कि महिला आरक्षण विधेयक का विरोध और उस पर गैर-जिम्मेदाराना बयान लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने इसे देश की आधी आबादी के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया।
विशेष सत्र की घोषणा के बाद लखनऊ से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सभी दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
Location : Lucknow
Published : 20 April 2026, 12:21 PM IST