यूपी में कम होगा प्रदूषण और आसान होगा सफर, जानिए किन-किन 18 शहरों में शुरू होगी नई AC बस सेवा?

उत्तर प्रदेश में शहरी परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। दिसंबर से राज्य के 18 नगर निगमों में चरणबद्ध तरीके से 1,225 नई AC इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। लखनऊ को सबसे ज्यादा 300 बसें मिलेंगी। GCC मॉडल पर चलने वाली इन बसों से प्रदूषण घटेगा और यात्रियों का सफर सुगम होगा।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 30 July 2026, 12:35 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश के शहरों में यात्रा करना पहले से कहीं ज्यादा आरामदायक और सुविधाजनक होने वाला है। राज्य सरकार ने शहरी परिवहन व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। दिसंबर से, राज्य के 18 नगर निगम क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से 1,225 नई एयर-कंडीशन्ड (AC) इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इस पहल से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।

लखनऊ को सबसे ज्यादा 300 बसों की सौगात

राजधानी लखनऊ को इन नई बसों के आवंटन में सबसे बड़ा हिस्सा मिला है, जहां 300 इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी। इसके अलावा, आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, नोएडा, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर और वाराणसी में भी नई बसें चलाई जाएंगी।

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बसों की कमी होगी दूर

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के नगर निगम क्षेत्रों में 6,000 से ज्यादा सिटी बसों की जरूरत है, लेकिन अभी केवल 740 बसें ही चल रही हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए बेड़े में नई इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन बसों की डिलीवरी इस साल शुरू होने की संभावना है।

नई व्यवस्था से आसान होगा संचालन

इस बार, इलेक्ट्रिक बसें 'ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट' (GCC) मॉडल के तहत चलेंगी। पहले अपनाए गए 'नेट कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट' (NCC) मॉडल में निजी कंपनियों ने बहुत कम दिलचस्पी दिखाई थी, जिससे यह योजना रुक गई थी। नई व्यवस्था के तहत, बस और ड्राइवर की जिम्मेदारी वाहन मालिक की होगी, जबकि कंडक्टर की नियुक्ति सिटी ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी करेगी। सरकार बसें खरीदने के लिए सब्सिडी देगी और कंपनियों को प्रति-किलोमीटर के आधार पर भुगतान किया जाएगा।

आरामदायक और प्रदूषण मुक्त होगा सफर

नई AC इलेक्ट्रिक बसों के आने से यात्रियों को साफ-सुथरा, शांत और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। डीजल बसों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसें कम प्रदूषण फैलाती हैं, जिससे शहरों में हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही, एक मजबूत सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था निजी वाहनों पर लोगों की निर्भरता को कम कर सकती है।

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शहरों को मिलेगी बेहतर परिवहन सुविधा

केंद्र सरकार के मानकों के अनुसार, हर एक लाख की आबादी पर 30 सिटी बसें होनी चाहिए। नई बसों के आने से उत्तर प्रदेश के कई शहर इस लक्ष्य को हासिल करने के करीब पहुंच जाएंगे। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि शहरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम भी पहले से ज्यादा आधुनिक और कुशल बनेगा।

Location :  Lucknow

Published :  30 July 2026, 12:35 PM IST