UP Rajya Sabha Elections: दसवीं सीट के लिए सपा-कांग्रेस और बीजेपी में महासंग्राम, क्रॉस वोटिंग से तय होगा सियासी भविष्य

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव की 10वीं सीट जीतने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त सेंधमारी शुरू हो गई है। 395 कुल वोटों और 36 के जादुई आंकड़े वाले इस चुनाव में सपा और बीजेपी दोनों ही दल क्रॉस वोटिंग के सहारे अपनी जीत पक्की करने की जुगत में लगे हैं।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 1 October 2026, 9:51 AM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10वीं सीट को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही खेमे एक-दूसरे के पाले में सेंधमारी करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि दोनों में से किसी भी गठबंधन के पास इस सीट को निर्विरोध या अपने दम पर जीतने के लिए जादुई आंकड़ा नहीं है। ऐसे में यह मुकाबला पूरी तरह से क्रॉस वोटिंग और विधायकों की व्यक्तिगत निष्ठा पर टिक गया है।

गणित और आंकड़ों का पेंच: 36 वोटों की है दरकार

मौजूदा समीकरणों के मुताबिक, इस चुनाव में कुल 395 वोट ही डाले जा सकेंगे, क्योंकि विधानसभा के 7 पद फिलहाल रिक्त चल रहे हैं। इसके अलावा, जेल में बंद समाजवादी पार्टी के विधायक रमाकांत यादव के वोट डालने आने की संभावना नहीं है।

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इस हिसाब से राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए पहली प्राथमिकता के तौर पर 36 वोटों की आवश्यकता होगी। समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के पास कुल मिलाकर 99 विधायकों का संख्या बल है (इसमें कांग्रेस के दो विधायक भी शामिल हैं)। सपा को अपनी तीसरी सीट सुरक्षित करने के लिए कुल 108 मतों की जरूरत है। यानी, पार्टी को जीत हासिल करने के लिए 9 अतिरिक्त वोटों का इंतजाम करना होगा।

सपा खेमे का दावा: सुभासपा और एनडीए के विधायकों पर नजर

सपा रणनीतिकारों का दावा है कि उन्हें विपक्षी खेमे से जरूरी संख्या बल आसानी से मिल जाएगा। सुभासपा के दो विधायकों- अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण राय का समर्थन सपा को मिलना लगभग तय माना जा रहा है। इनमें से जगदीश नारायण राय ने पिछले चुनाव में भी सपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था।

इसके अलावा, रणनीतिकारों का यह भी कहना है कि एनडीए गठबंधन के भीतर शामिल निषाद पार्टी और अपना दल (सोनेलाल) के कुछ विधायक भी संपर्क में हैं। माना जा रहा है कि टिकट की गारंटी मिलने पर यह विधायक पाला बदलने के लिए तैयार हो सकते हैं।

भाजपा खेमे की हलचल और मंत्रियों की नाराजगी की चर्चा

दूसरी तरफ, सियासी गलियारों में इस बात की भी चर्चा जोरों पर है कि भाजपा सरकार के भीतर भी असंतोष सुलग रहा है। सूत्रों का दावा है कि भाजपा के दो मंत्रियों को इस बात का अंदेशा है कि आगामी चुनावों में उनका टिकट कट सकता है। इनमें से एक मंत्री पश्चिमी उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं और हालिया राजनीतिक समीकरणों व रालोद की मौजूदगी के चलते असहज महसूस कर रहे हैं। वहीं, दूसरे मंत्री की सपा नेतृत्व से मुलाकात होने की भी बात सामने आ रही है।

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सूत्रों के मुताबिक, भाजपा के 6 से 7 विधायक भी सपा संपर्क में हैं, जो केवल टिकट की पक्की गारंटी मिलने पर क्रॉस वोटिंग करने का मन बना चुके हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यह अंदरूनी समीकरण जमीन पर उतरते हैं, तो सपा अपने तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए आवश्यक अतिरिक्त वोटों का जुगाड़ बेहद आसानी से कर लेगी। बहरहाल, जब तक नतीजे सामने नहीं आते, तब तक यह मुकाबला पूरी तरह रोमांचक बना रहेगा।

Location :  Lucknow

Published :  1 October 2026, 9:51 AM IST