
सीएम योगी आज करेंगे हाई लेवल मीटिंग (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में घंटों बिजली कटौती और तकनीकी खराबियों के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में 8 से 9 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और विरोध-प्रदर्शन की स्थिति बन गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने रविवार सुबह 10:30 बजे आपात और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई है।
मुख्यमंत्री की इस बैठक में ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों को तलब किया गया है। बैठक में प्रदेश की बिजली व्यवस्था, तकनीकी खामियां, ट्रांसमिशन और वितरण से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि बिजली आपूर्ति में लापरवाही और अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
प्रदेश में लगातार सामने आ रही बिजली संकट की शिकायतों के बीच सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। बिजली आपूर्ति में बाधा और समस्या का समाधान समय पर न कर पाने के आरोप में गाजियाबाद और मेरठ में दो अधिशासी अभियंताओं को शनिवार को निलंबित कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, आगे भी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
राजधानी लखनऊ में शुक्रवार शाम केबल फॉल्ट के बाद हालात और बिगड़ गए। फैजुल्लागंज और एफसीआई उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में पूरी रात बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। मरम्मत कार्य में देरी के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
लगातार बिजली कटौती से नाराज लोगों ने देर रात बुद्धेश्वर चौराहा और बंधा रोड पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों का कहना था कि भीषण गर्मी और उमस में कई घंटों तक बिजली न रहने से घरों में रहना मुश्किल हो गया है।
फैजुल्लागंज और मुनेश्वरपुरम जैसे इलाकों में करीब 8 से 9 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके अलावा चौक और गोमतीनगर के कई हिस्सों से भी अघोषित बिजली कटौती की शिकायतें सामने आईं।
भीषण गर्मी के बीच बिजली न होने से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई। घरों में पानी की सप्लाई बाधित रही, कूलिंग सिस्टम बंद पड़े रहे और छोटे कारोबारियों व व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भी नुकसान उठाना पड़ा।
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बढ़ते विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन ने लखनऊ और आसपास के 31 बिजली उपकेंद्रों को संवेदनशील घोषित कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उतरेटिया, एफसीआई और फैजुल्लागंज उपकेंद्रों पर पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं।
प्रशासन को आशंका है कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो लोगों का आक्रोश और बढ़ सकता है।
प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और बिजली संकट ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। आम जनता अब तत्काल राहत और स्थायी समाधान की उम्मीद कर रही है। मुख्यमंत्री की हाई लेवल बैठक में बिजली व्यवस्था सुधारने, जवाबदेही तय करने और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई जैसे बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
Location : Lucknow
Published : 24 May 2026, 8:25 AM IST
Topics : CM Yogi Meeting Electricity Crisis Lucknow Power Cut UP power crisis Uttar Pradesh Electricity