उत्तर प्रदेश को 4 साल बाद मिला स्थायी डीजी! 1994 बैच के IPS अधिकारी एल.वी. एंटनी देव कुमार को मिली बड़ी जिम्मेदारी। जानें उनका प्रोफाइल, अनुभव और क्यों यह नियुक्ति यूपी पुलिस के लिए है बेहद खास। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

आईपीएस अधिकारी एल.वी. एंटनी देव कुमार (source: google)
Lucknow: उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में पिछले लंबे समय से चली आ रही 'कार्यवाहक डीजी' की व्यवस्था पर आखिरकार विराम लग गया है। योगी सरकार ने 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एल.वी. एंटनी देव कुमार को पुलिस महानिदेशक (DG) के पद पर प्रोन्नति देने का निर्णय लिया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा उनके नाम की स्वीकृति दिए जाने के बाद अब यूपी पुलिस को एक स्थायी चेहरा मिल गया है।
यह पदोन्नति 1 मार्च 2026 से प्रभावी मानी जाएगी और अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उनकी तैनाती का विस्तृत विवरण अलग से जारी किया जाएगा।
मूल रूप से तमिलनाडु के तिरुनेलवेली के रहने वाले एल.वी. एंटनी देव कुमार एक अनुभवी पुलिस अधिकारी माने जाते हैं। उन्होंने राजनीति विज्ञान और इतिहास विषयों में स्नातक और परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी के रूप में उन्होंने प्रदेश के कई महत्वपूर्ण विभागों में अपनी सेवाएं दी हैं।
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वर्तमान में वह एडीजी (रूल्स एंड मैनुअल) के पद पर कार्यरत थे, जबकि इससे पहले उन्होंने सीबीसीआईडी (CB-CID), एसएसएफ (SSF) और पर्सनल जैसे संवेदनशील विभागों की जिम्मेदारियां भी बखूबी संभाली हैं। उनकी कार्यशैली को देखते हुए सरकार ने उन्हें पे-मैट्रिक्स लेवल-16 के उच्च वेतनमान पर यह जिम्मेदारी सौंपी है।
उत्तर प्रदेश में साल 2022 से ही पुलिस प्रमुख के पद पर कार्यवाहक नियुक्तियां की जा रही थीं, जिसे लेकर प्रशासनिक स्थिरता पर सवाल उठ रहे थे। हाल ही में प्रशांत कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद राजीव कृष्ण कार्यवाहक डीजी के रूप में कमान संभाल रहे थे। विपक्षी दल लगातार इस 'कार्यवाहक कल्चर' को लेकर सरकार पर निशाना साध रहे थे, लेकिन अब इस स्थायी नियुक्ति के फैसले से उन चर्चाओं पर पूरी तरह विराम लग गया है।
इस कदम को आगामी चुनावों और प्रशासनिक मजबूती के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नए डीजी के पदभार संभालते ही उनके सामने कई बड़ी चुनौतियां खड़ी होंगी। प्रदेश में आने वाले समय में होने वाले पंचायत चुनाव और विभिन्न विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना उनकी पहली प्राथमिकता होगी।
हालांकि, एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि देव कुमार की 60 वर्ष की आयु 28 मई 2026 को पूरी हो रही है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार उन्हें आगे सेवा विस्तार (Extension) प्रदान करेगी या यह नियुक्ति केवल चुनाव पूर्व की अल्पकालिक व्यवस्था का हिस्सा है। फिलहाल, इस आदेश ने पुलिस महकमे में नई ऊर्जा का संचार कर दिया है।