पंचायत चुनाव की सरगर्मी बढ़ी: अंतिम मतदाता सूची जारी, अब आरक्षण रिपोर्ट पर नजर

उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2025-26 के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। प्रदेश में 40 लाख से अधिक नए मतदाता जुड़े हैं। जानिए चुनाव, आरक्षण और वोटर लिस्ट से जुड़े बड़े अपडेट..

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 10 June 2026, 7:33 PM IST

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। व्यापक पुनरीक्षण, दावे-आपत्तियों के निस्तारण और सत्यापन प्रक्रिया के बाद जारी की गई इस सूची में प्रदेशभर में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। माना जा रहा है कि अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद चुनावी प्रक्रिया को गति मिलेगी।

12.58 करोड़ से अधिक मतदाता दर्ज

आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 12 करोड़ 58 लाख 51 हजार 570 मतदाता पंजीकृत किए गए हैं। पुनरीक्षण अभियान के दौरान 1 करोड़ 81 लाख 96 हजार 367 नए मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े गए, जबकि 1 करोड़ 41 लाख 76 हजार 809 नाम विभिन्न कारणों से हटाए गए। इस प्रकार कुल मिलाकर प्रदेश में मतदाताओं की संख्या में 40 लाख 19 हजार 558 की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई है, जो पंचायत चुनावों में मतदाता भागीदारी बढ़ने का संकेत मानी जा रही है।

बड़े जिलों में मतदाताओं की संख्या

अंतिम मतदाता सूची के अनुसार कुछ प्रमुख जिलों में मतदाताओं की संख्या इस प्रकार है, प्रयागराज में 34 लाख 95 हजार 203, गोरखपुर में 29 लाख 63 हजार142, वाराणसी में 17 लाख 93 हजार 504 और लखनऊ में 10 लाख 85 हजार 180 मतदाता शामिल हैं। इन जिलों में पंचायत चुनाव के दौरान राजनीतिक गतिविधियां और चुनावी मुकाबले काफी दिलचस्प रहने की संभावना है।

आरक्षण आयोग की रिपोर्ट पर टिकी नजरें

हालांकि अंतिम मतदाता सूची जारी हो चुकी है, लेकिन पंचायत चुनाव की अधिसूचना और कार्यक्रम की घोषणा अभी बाकी है। चुनाव प्रक्रिया को लेकर अब सबसे अधिक नजरें पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट पर टिकी हैं। आरक्षण व्यवस्था तय करने के लिए गठित आयोग जिलावार सामाजिक एवं आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहा है। सरकार को यह रिपोर्ट छह माह के भीतर सौंपे जाने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद चुनावी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी आएगी।

प्रधान बने रहेंगे प्रशासक

पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सरकार ने वर्तमान ग्राम प्रधानों को छह माह के लिए प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी है। इस अवधि में पंचायतों के नियमित कार्य और विकास योजनाएं उनके माध्यम से संचालित की जाएंगी।

तकनीकी दिक्कतें भी आईं सामने

मतदाता सूची जारी होने के बाद कई जिलों से सूची डाउनलोड करने और नाम खोजने में तकनीकी समस्याओं की शिकायतें भी सामने आई हैं। निर्वाचन विभाग का कहना है कि तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि मतदाता आसानी से अपना विवरण देख सकें।

Location :  Uttar Pradesh

Published :  10 June 2026, 7:33 PM IST