UP News: जल जीवन मिशन को लेकर सीएम योगी का कड़ा रुख, खुदाई के बाद सड़कों की तत्काल मरम्मत के निर्देश

उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों को खुला छोड़ने वालों पर सीएम योगी ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को तत्काल गड्ढे भरने और स्थलीय निरीक्षण करने के सख्त निर्देश दिए हैं। लापरवाही बरतने वाली संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। शिकायतों के लिए जारी हुआ टोल फ्री नंबर।

Updated : 2 May 2026, 11:09 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को बेहद सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने के लिए की जा रही खुदाई के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने आदेश दिया है कि कार्य पूर्ण होते ही खोदी गई सड़कों और गड्ढों को बिना किसी देरी के तत्काल भरा जाए ताकि आम जनता को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। शासन की मंशा है कि विकास कार्यों के कारण नागरिकों के दैनिक जीवन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

जिलाधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण की जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और मिशन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में उतरने की हिदायत दी है। सीएम के निर्देशानुसार, अब अधिकारियों को केवल कागजी रिपोर्ट पर भरोसा करने के बजाय स्वयं स्थलीय निरीक्षण करना होगा।

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इस निरीक्षण के दौरान अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि खुदी हुई सड़कों की स्थिति क्या है और क्या उन्हें मानकों के अनुरूप ठीक किया गया है। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा है कि इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर बरती गई शिथिलता या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

लापरवाह ठेकेदारों और संस्थाओं पर कसेगा शिकंजा

सरकार ने उन कार्यदायी संस्थाओं और ठेकेदारों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया है जो काम को अधूरा छोड़ देते हैं या समय सीमा के भीतर गड्ढों को नहीं भरते हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ऐसे ठेकेदारों पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाए, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाए। गुणवत्ता से समझौता करने वाली संस्थाओं को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।

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जनता की शिकायतों का प्राथमिकता पर होगा निस्तारण

आम नागरिकों की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री ने 'जल समाधान पोर्टल' और टोल फ्री नंबर के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि जलापूर्ति, पाइपलाइन लीकेज या खुदाई से संबंधित जो भी शिकायतें पोर्टल पर प्राप्त होती हैं, उनका निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। सरकार ने जनता से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में खुदाई के बाद गड्ढे नहीं भरे गए हैं या पानी की आपूर्ति में कोई समस्या है, तो वे टोल फ्री नंबर 18001212164 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिस पर त्वरित संज्ञान लिया जाएगा।

मिशन की सफलता और आगामी लक्ष्य

उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन अब एक निर्णायक मोड़ पर है, जहाँ राज्य ने 2.50 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल के कनेक्शन प्रदान करने की उपलब्धि हासिल कर ली है। विशेष रूप से विंध्य और बुंदेलखंड जैसे कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में सरकार लगभग शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचे, लेकिन इस विकास यात्रा में सड़कों की सुरक्षा और नागरिक सुविधा को भी उतना ही महत्व दिया जा रहा है। सरकार इस पूरी परियोजना को युद्धस्तर पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Location :  Lucknow

Published :  2 May 2026, 11:09 PM IST