
भूपेंद्र चौधरी (Img- Internet)
Lucknow: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक पकड़ को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने मंत्रियों के प्रभार वाले जनपदों की सूची में व्यापक बदलाव किया है।
हाल ही में कैबिनेट में शामिल हुए नए मंत्रियों के बाद यह फेरबदल बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस नए बदलाव के तहत कई वरिष्ठ मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों को बदला गया है, वहीं नए चेहरों पर भरोसा जताते हुए उन्हें महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिलों की कमान सौंपी गई है।
इस पूरे प्रशासनिक फेरबदल में उत्तर प्रदेश भाजपा के कद्दावर नेता और नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सिंह चौधरी का कद और मजबूत हुआ है। योगी सरकार ने उन पर बड़ा भरोसा जताते हुए आगरा और कासगंज जैसे महत्वपूर्ण जनपदों की दोहरी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें इन दोनों जिलों का प्रभारी मंत्री बनाया गया है।
राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को आगामी चुनावों और सांगठनिक मजबूती के दृष्टिकोण से बेहद अहम देखा जा रहा है। आगरा जैसे बड़े और कासगंज जैसे संवेदनशील जिलों की जिम्मेदारी मिलने से क्षेत्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
मूल रूप से मुरादाबाद के महेंद्री सिकंदरपुर गांव के रहने वाले भूपेंद्र सिंह चौधरी का जन्म 1966 में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के प्राथमिक स्कूल से हुई और उन्होंने 1982 में मुरादाबाद के आरएन इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। साल 1989 में कृषक उपकार इंटर कॉलेज के प्रबंधक बनने के बाद वे विश्व हिंदू परिषद (विएचपी) से जुड़े।
इसके बाद 1991 में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली। जिला कोषाध्यक्ष, जिलाध्यक्ष और क्षेत्रीय अध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण सांगठनिक भूमिकाएं निभाने के बाद, वे 2016 में पहली बार उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) के सदस्य चुने गए और 2022 में पुनः एमएलसी बने।
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भूपेंद्र सिंह चौधरी को न केवल एक कुशल संगठनकर्ता बल्कि एक बेहतरीन प्रशासक के रूप में भी जाना जाता है। योगी सरकार के पहले कार्यकाल में पंचायती राज राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत एक बड़ा रिकॉर्ड कायम किया था।
उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र एक वर्ष के भीतर रिकॉर्ड 1.75 करोड़ शौचालयों का निर्माण कराया गया। इसी अथक प्रयास के बदौलत राज्य के सभी 75 जिलों को खुले में शौच मुक्त (ODF) घोषित कराया गया था, जिसके बाद 2019 में उन्हें कैबिनेट मंत्री के रूप में प्रमोट किया गया था।
Location : Lucknow
Published : 3 June 2026, 12:20 PM IST