उत्तर प्रदेश में बाढ़ का भीषण प्रकोप: 7 जिले जलमग्न, लखनऊ के इटौंजा में बहे 6 दोस्त, एक की मौत

उत्तर प्रदेश के 7 जिलों में बाढ़ का तांडव जारी है। पहाड़ों पर बारिश से 10 नदियां उफान पर हैं। लखनऊ के इटौंजा में पानी के तेज बहाव में बहे 6 दोस्तों में से एक की मौत हो गई, जबकि गोमती के उफान से 40 हजार घर डूब गए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 7 October 2026, 10:40 AM IST

Lucknow: पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते उत्तर प्रदेश की नदियां एक बार फिर उफान पर आ गई हैं। राज्य की लगभग 10 प्रमुख नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं, जिसके कारण उत्तर प्रदेश के 7 जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। राजधानी लखनऊ और सीतापुर समेत कई इलाके इसकी चपेट में हैं, जबकि गोंडा के 10 गांवों में भी पानी भरा हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच लखनऊ से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है।

इटौंजा में बाढ़ के तेज बहाव में बहे 6 दोस्त

राजधानी लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र के लासा गांव में बाढ़ का पानी देखने और रास्ता पार करने गए 6 दोस्तों का एक समूह पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गया। पानी का वेग इतना तेज था कि सभी दोस्त देखते ही देखते बह गए। इस हादसे से मौके पर हड़कंप मच गया। हालांकि, स्थानीय लोगों और एनडीआरएफ (NDRF) की टीम की तत्परता से 5 दोस्तों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन 18 वर्षीय युवक विमल को नहीं बचाया जा सका। काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने उसका शव पानी से बरामद किया। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है। वहीं, उन्नाव जिले में भी बारिश और बाढ़ के बीच दीवार गिरने से एक महिला की दर्दनाक मौत होने की पुष्टि हुई है।

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गोमती नदी का कहर: 40 हजार घरों में घुसा पानी, मंदिर डूबे

लखनऊ में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है, जहां गोमती नदी का जलस्तर लगातार 8वें और 9वें दिन भी खतरे का सबब बना हुआ है। नदी के बढ़ते जलस्तर से राजधानी का फैजुल्लागंज इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां करीब 40 हजार घरों में 5 से 6 फीट तक पानी भर जाने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और 3 लाख से अधिक आबादी इसकी चपेट में आ चुकी है।

गोमती के विकराल रूप का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रसिद्ध लेटे हनुमान मंदिर के गर्भगृह में 13 फीट तक पानी भर गया है। इतिहास में करीब 20 साल बाद ऐसा मौका आया है जब इस मंदिर के गर्भगृह को बंद करना पड़ा है। इसके अतिरिक्त, शहर के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थल जैसे खाटू श्याम मंदिर और चंद्रिका देवी मंदिर भी पूरी तरह से बाढ़ के पानी में डूब चुके हैं।

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जहरीले जीवों का खतरा और प्रशासनिक राहत कार्य

बाढ़ के पानी के residential इलाकों में घुसने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। बाढ़ के साथ-साथ जहरीले सांप और अन्य खतरनाक जीव-जंतु भी घरों में घुस रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी दहशत का माहौल है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मोर्चा संभाला है और बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया है। प्रशासन और आपदा राहत बल लगातार राहत सामग्री वितरित करने और नावों के माध्यम से फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के कार्य में जुटे हुए हैं।

Location :  Lucknow

Published :  7 October 2026, 10:40 AM IST