
वाराणसी: सूर्यप्रकाश हत्याकांड (source: google)
Varanasi: वाराणसी के प्रतिष्ठित उदय प्रताप (यूपी) कॉलेज के छात्र सूर्य प्रताप सिंह की सनसनीखेज हत्या के मामले में मुख्य आरोपी मंजीत चौहान ने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी मंजीत ने बताया कि वह सूर्य प्रताप की 'मनबढ़ई' और बार-बार होने वाली पिटाई से तंग आ चुका था। उसने सूर्य की हत्या की साजिश पहले ही रच ली थी और इसके लिए भदोही से 33,500 रुपये में एक अवैध देसी पिस्टल खरीदी थी। मंजीत पिछले दो साल से इस असलहे को अपने पास रख रहा था और सही मौके की तलाश में था।
वारदात वाले दिन का जिक्र करते हुए मंजीत ने बताया कि शुक्रवार सुबह कॉलेज परिसर में सूर्य और उसके साथियों ने उसकी फिर से पिटाई की थी। इस अपमान से आहत होकर वह अपनी पिस्टल की पूरी मैगजीन लोड करके कैंपस पहुँचा। उसने सूर्य प्रताप को देखते ही उसे दौड़ा लिया और सीने व सिर में गोलियां दाग दीं। चश्मदीदों के अनुसार, एक महिला प्रोफेसर और छात्राओं ने सूर्य को बचाने की गुहार लगाई, लेकिन मंजीत पर खून सवार था।
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हत्याकांड को अंजाम देने के बाद मंजीत कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय की लगभग 12 फीट ऊंची छत से कूदकर भागा। इस दौरान उसका पैर फ्रैक्चर हो गया और सिर में भी चोट आई। घायल अवस्था में वह ई-रिक्शा लेकर गिलट बाजार पहुँचा, जहाँ से उसने अपने एक परिचित को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने उसे इसी चोटिल हालत में गिरफ्तार किया था।
जांच में सामने आया है कि मंजीत चौहान आपराधिक प्रवृत्ति का युवक है। इंस्टाग्राम पर उसने अपनी प्रोफाइल का नाम 'मंजीत माफिया' रखा था और वह खुद को एक बड़े गैंगस्टर के रूप में स्थापित करना चाहता था। परिजनों और पड़ोसियों से भी उसके संबंध अच्छे नहीं थे और वह अक्सर लोगों से मारपीट करता रहता था। उसके पिता पेशे से राजगीर मिस्त्री हैं।
सूर्य प्रताप और मंजीत इंटर तक साथ पढ़े थे, लेकिन उनके बीच शुरू से ही तनातनी थी। हॉस्टल के छात्रों का समर्थन होने के कारण सूर्य अक्सर मंजीत पर भारी पड़ता था। पुलिस के अनुसार, सूर्य पिछले कुछ समय में तीन बार मंजीत की पिटाई कर चुका था। 17 मार्च को भी दोनों के बीच विवाद हुआ था जो थाने तक पहुँचा, लेकिन समझौता हो गया। 21 मार्च को दोबारा हुई पिटाई ने मंजीत को इस खूनी वारदात के लिए उकसाया।
डीसीपी वरुणा जोन, प्रमोद कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी मंजीत को जेल भेज दिया गया है। हालांकि, मामले में नामजद दूसरे आरोपी अनुज सिंह की तलाश अभी भी जारी है। पुलिस की छह टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। कोर्ट परिसर में सुरक्षा के लिहाज से तीन थानों की फोर्स तैनात की गई थी।
Location : Varanasi
Published : 22 March 2026, 1:48 PM IST
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