
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजनीति में पिछले कई दिनों से चल रही मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं पर अब लगभग मुहर लगती दिख रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार में रविवार को बड़ा फेरबदल हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक योगी मंत्रिमंडल में करीब आधा दर्जन नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। इसे आगामी चुनावों से पहले भाजपा की बड़ी राजनीतिक रणनीति माना जा रहा है।
कैबिनेट विस्तार से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शाम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं की यह बैठक शाम को प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इस दौरान मंत्रिमंडल विस्तार और नए मंत्रियों के नामों पर अंतिम चर्चा हो सकती है। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार में इस समय कुल 54 मंत्री हैं, जबकि विधानसभा की 403 सीटों के हिसाब से राज्य में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में अभी छह पद खाली हैं और इन्हीं सीटों पर नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार जिन विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है, उन्हें फिलहाल लखनऊ में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं। इससे सियासी हलचल और भी तेज हो गई है। भाजपा संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर लगातार बैठकों का दौर जारी है।
संभावित चेहरों में समाजवादी पार्टी से आए ऊंचाहार विधायक मनोज पांडेय का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। माना जा रहा है कि ब्राह्मण चेहरे के तौर पर उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं कौशांबी की चायल सीट से विधायक पूजा पाल को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना है।
इसके अलावा भूपेंद्र चौधरी, अशोक कटारिया, कृष्णा पासवान, सुरेश पासी, सुरेंद्र दिलेर और आशीष सिंह आशु जैसे बड़ें नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। भाजपा इस विस्तार के जरिए ओबीसी, दलित और सवर्ण समीकरण साधने की कोशिश कर सकती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए भाजपा सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन मजबूत करने की तैयारी में है। पश्चिम यूपी, अवध और पूर्वांचल के नेताओं को प्रतिनिधित्व देकर पार्टी संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश कर सकती है।
Location : Lucknow
Published : 9 May 2026, 4:19 PM IST
Topics : UP Cabinet Expansion UP News Yogi Adityanath