UP Cabinet Expansion: यूपी मंत्रिमंडल में क्या होगा फेरबदल, आईए जानिए किस दिग्गज का कट सकता है पत्ता

भारतीय जनता पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी अनुभवी नेताओं को संगठन में अहम जिम्मेदारी देकर ग्राउंड लेवल पर पकड़ मजबूत करना चाहती है, जबकि कैबिनेट में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने पर विशेष जोर रहेगा।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 22 April 2026, 9:48 AM IST

Lucknow: भूपेंद्र चौधरी में सरकार के कैबिनेट विस्तार को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों के बीच अब नए संकेत सामने आ रहे हैं। पहले माना जा रहा था कि खरमास खत्म होते ही मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है, अब चर्चा है कि बंगाल चुनाव के बाद ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित विस्तार में कुछ नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठन में जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। साथ ही कई विभागों में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

2027 चुनाव पर फोकस

भारतीय जनता पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी अनुभवी नेताओं को संगठन में अहम जिम्मेदारी देकर ग्राउंड लेवल पर पकड़ मजबूत करना चाहती है, जबकि कैबिनेट में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने पर विशेष जोर रहेगा।

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दिल्ली-लखनऊ के बीच बैठकों का दौर तेज

हाल के दिनों में लखनऊ से लेकर दिल्ली तक लगातार बैठकों का दौर जारी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े ने लखनऊ पहुंचकर कई नेताओं से मुलाकात की। वहीं राज्य के दोनों डिप्टी सीएम भी दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से मिल चुके हैं।

इस दौरान पीएम मोदी, अमित शाह और संघ से जुड़े अरुण कुमार सहित कई वरिष्ठ नेताओं के साथ मंथन जारी है।

ब्राह्मण और दलित समीकरण साधने की कोशिश

कैबिनेट विस्तार में ब्राह्मण चेहरे को अहम जिम्मेदारी देने की चर्चा है। फिलहाल बृजेश पाठक के अलावा इस वर्ग से बड़ा चेहरा सीमित है, ऐसे में नए ब्राह्मण नेता को आगे लाया जा सकता है। साथ ही दलित और महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर भी मंथन हो रहा है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण की काट के तौर पर भाजपा इन वर्गों में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति बना रही है।

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पश्चिमी यूपी पर खास नजर

ओबीसी और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए भूपेंद्र चौधरी का नाम भी प्रमुखता से चर्चा में है। जाट समुदाय से आने वाले भूपेंद्र चौधरी को कैबिनेट में शामिल कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक संदेश देने की तैयारी है।

दरअसल वर्तमान में मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और दोनों डिप्टी सीएम में से कोई भी पश्चिमी यूपी से नहीं है। ऐसे में इस क्षेत्र को साधने के लिए कैबिनेट विस्तार को अहम माना जा रहा है।

 

Location :  Lucknow

Published :  22 April 2026, 9:48 AM IST