यूपी में खौफनाक साजिश का पर्दाफाश! 5 नेताओं की हत्या और ग्रेनेड हमले की थी तैयारी, ATS के खुलासे से मचा हड़कंप

यूपी में एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। जांच में सामने आया है कि कुछ संदिग्ध आतंकी नेताओं को निशाना बनाने और दहशत फैलाने की योजना पर काम कर रहे थे। पाकिस्तान कनेक्शन और विदेशी नेटवर्क से जुड़ी इस साजिश ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 1 May 2026, 12:46 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों ने एक ऐसी साजिश का खुलासा किया है, जिसने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया है। एटीएस की जांच में पता चला है कि कुछ संदिग्ध आतंकी भारत में बड़े पैमाने पर हिंसक घटनाओं को अंजाम देने की तैयारी में थे। इस साजिश का उद्देश्य पांच हिंदूवादी नेताओं की हत्या और उनके घरों पर ग्रेनेड हमला करना था।

पाकिस्तान कनेक्शन और आईएसआई लिंक

जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तानी अपराधी शहजाद भट्टी और आईएसआई के कुछ एजेंट्स के संपर्क में था। ये संदिग्ध भारत में रहकर विदेशी हैंडलर्स के इशारों पर काम कर रहे थे। एजेंसियों के अनुसार, इन्हें भारत में दहशत फैलाने के लिए संगठित तरीके से टास्क दिए जा रहे थे।

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दो आरोपी गिरफ्तार

एटीएस ने 23 अप्रैल को नोएडा से तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान और एटा से समीर को गिरफ्तार किया था। दोनों अलग-अलग शहरों में रहकर इस साजिश को आगे बढ़ा रहे थे। पूछताछ में पता चला कि ये दोनों पाकिस्तान आधारित नेटवर्क के लगातार संपर्क में थे और निर्देश प्राप्त कर रहे थे।

नेताओं की हत्या का खौफनाक प्लान

एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों को जिन नेताओं की हत्या का टास्क दिया गया था, उनमें दक्ष चौधरी, अभिषेक ठाकुर, पिंकी चौधरी, युद्धि राणा और गौरव राजपूत जैसे नाम शामिल हैं। योजना केवल हत्या तक सीमित नहीं थी, बल्कि इनके घरों पर ग्रेनेड फेंककर दहशत फैलाने की भी तैयारी थी।

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विदेश भागने की साजिश

जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरी साजिश के बदले आरोपियों को तीन लाख रुपये देने का वादा किया गया था। इसके अलावा उन्हें फर्जी पासपोर्ट बनवाकर दुबई भेजने और वहां बसाने का लालच दिया गया था, ताकि वे भारतीय एजेंसियों की पकड़ से दूर रह सकें।

सोशल मीडिया कॉल से फैलाई जा रही थी धमकी

एटीएस को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपियों ने कुछ लोगों को सोशल मीडिया और कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए धमकियां दी थीं। इन कॉल्स में विदेशी हैंडलर भी शामिल थे, जिनकी रिकॉर्डिंग एजेंसियों के हाथ लगी है। इससे पूरे नेटवर्क की गंभीरता और बढ़ गई है।

छह दिन की कस्टडी में बड़े खुलासे की उम्मीद

एनआईए की विशेष अदालत ने एटीएस की मांग पर आरोपियों को छह दिन की कस्टडी रिमांड में भेज दिया है। माना जा रहा है कि इस दौरान जांच एजेंसियों को इस पूरे नेटवर्क, फंडिंग और विदेशी कनेक्शन को लेकर कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं।

Location :  Lucknow

Published :  1 May 2026, 12:46 PM IST